आजमगढ़:: प्रदेश सरकार द्वारा कैबिनेट में उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय अध्यादेश 2018 के प्रारूप को मंजूरी दिए जाने का उत्तर प्रदेश अभिभावक महासंघ ने स्वागत किया। अध्यादेश के अनुसार प्रदेश में अब निजी स्कूल मनमानी फीस नहीं वसूल सकेंगे और ना ही 5 साल से पहले यूनिफार्म बदल सकेंगे,किसी खास दुकान से किताबें और यूनिफार्म खरीदने को भी बाध्य नहीं कर सकेंगे। सरकार के निर्णय के अनुसार 20 हजार से ज्यादा सालाना फीस लेने वाले सभी स्कूल प्रस्तावित अध्यादेश के दायरे में आएंगे। सरकार के इस फैसले को उत्तर प्रदेश अभिभावक महासंघ अपनी आधी जीत मानता है। क्योंकि हमारी वर्षों पुरानी कई मांगों पर सरकार ने गौर किया है लेकिन अभी भी कुछ बिंदुओं को अध्यादेश में शामिल किए जाने की जरूरत है जिसके तहत सीबीएसई और आईसीएसई से संचालित सभी विद्यालयों में एनसीईआरटी की किताबों को चलाए जाने जून माह में विद्यालय बंद होने पर फीस ना देने, स्कूलों द्वारा री एडमिशन के समय 3 महीने की फीस एक साथ लेने के प्रावधान को खत्म किया जाना चाहिए। उत्तर प्रदेश अभिभावक महासंघ अपनी अन्य मांगों को लेकर छात्रों और अभिभावकों की हक की लड़ाई निरंतर जारी रखेगा। इस दौरान गोविदं दूबे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
Blogger Comment
Facebook Comment