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तहखाना:::95 घंटे में “टीम अजय” ने वापस दिलाया मान का ’मान’



खबरों के तहखाने से पत्रकार राजेश चंद्र मिश्रा  की विशेष रिपोर्ट 

आजमगढ़: सोमवार की रात करीब साढ़े नौ बजे जेल के समाने वाली कालोनी की शांति गोलियों की आवाज से भंग हो गयी थी और जब लोग मौके पर पहुंचे तो जेल का एक सिपाही सीने पर गोली खाकर जिंदगी और मौत से जूझ रहा था। इसके ठीक 95 घंटे बाद सिधारी थाना क्षेत्र के छतवारा इलाके की शांति भी शुक्रवार की रात को गोलियों की आवाज से भंग हुई और जब बारुद का गुबार हटा तो जमीन पर मुकेश राजभर मृत पड़ा था। जेल सिपाही मान सिंह यादव के “मान” पर हमला करने वाला और कप्तान की आंख का किरकिरी बन चुका मुकेश राजभर 50 हजार का ईनामी है और पूरब से ज्यादा पश्चिम में इसके कांड है। इस पूरे मुठभेड़ में मुकेश का साथी अखिलेश भागने में सफल रहा। पिछली चार रात की नींद को जज्बे के साथ गुस्से की पानी में घोल कर पी चुके सुपर काॅप कप्तान अजय कुमार साहनी के हर प्रयास का कदम-कदम पर साथ दे रहे सीओ सदर मोहम्मद अकमल खां और सीओ सिटी सच्चिदानंद शनिवार की भोर में चैन से सो पाये। यहीं नहीं 26 जनवरी को पुलिस लाइन में कप्तान अजय का हाथ बीच-बीच में उनकी कमर पर लटकी तलवार की मुठृठी को भींच कर पकड़ लेता था। जब भी मौका मिलता उनकी अंगुलियां स्मार्ट फोन को चेक करती और अपडेट के इंतजार में आंखों की पुतिलियां झपक नहीं रही थी। यूं तो ये कप्तान अजय साहनी के कार्यकाल का चौथा एनकाउंटर है लेकिन जेल सिपाही पर हमला उनके सिर पर बुखार की तरह चढ़ गया था जिसकी जल्द उतरना जरुरी और लाजिमी होना दोनो था। । आलम ये था कि अपने एक शुभचिंतक से निजी बात-चीत के दौरन कप्तान ने ये तक कह दिया था कि ” कैसा खाना-पीना भाई, निवाला नहीं उतर रहा, लग रहा है कोई तमाचा मार दिया है “। गोली तो मान सिंह यादव के सीने पर लगी थी लेकिन उसका दर्द अजय कुमार साहनी ने पूरी शिदृदत से महसूस किया था।
दरअसल, टेक्नोलाॅजी और पुलिसिया इंट्रोग्रेसन के काॅमन एप्रोच ने इस पूरे केस को खोलने में मदद किया। जेल में बंद जिस धर्मेद्र पासी के साथ जेल सिपाही मान सिंह यादव की फोन पर बात करने को लेकर तू-तू मैं मैं हुई थी वो बहुत ही शातिर और ढीठ किस्म का अपराधी है। टीम में शामिल एक सीओ स्तर के अधिकारी बताते है कि जब जेल में हमलोग उसको इंट्रोगेट कर रहे थे तो भी उसकी आंखों में भय नहीं था। कप्तान साहब के सामने भी उसकी आंखे नीची नहीं हो रही थी। ये सब बाते और उलझन दे रही थी। ऐसे लग रहा था कि जैसे कोई आपके घर पर, आपके दरवाजे पर आपको गाली दे कर चला गया हो। जेल में पूरी टीम डेरा डाले हुई थी और जब ये पूरी कहानी सामने आई तो पुलिस की सर्विलांस टीम ने अपनी फिल्डिंग शुरु किया। सर्विलांस टीम ने जब जेल के बीटीएस को खंगालना शुरु किया तो उसमे कुछ नंबर ऐसा मिला जो पिछले कुछ दिनों से उस इलाके में सक्रिय था। उसके बाद उस नंबर को ट्रैक किया गया तो उसके और कनेक्शन सामने आया। फिर घटना वाले दिन को उस नंबर के ट्रैक किया गया और ट्राइंगुलेशन रिपोर्ट के आधार पर पूरी कहानी का खुलासा हुआ। मुकेश के नंबर को भी सुना गया और उसके लोकेशन के आधार पर शुक्रवार को पुलिस उसके पीछे लग गयी और परिणति मुकेश का एनकाउंटर। इसके साथ ही साथ पुलिस ने मुखबिरों का भी तगड़ा जाल बिछाया था जो मुकेश राजभर की हर साँस पर नज़र गड़ा चुके थे।
बताते है कि घटना को अंजाम देने के बाद फ़रार हो जाने वाला मुकेश इस बार पुलिस की फ़ील्डिंग के आगे बेबस हो गया और दूसरे पैसे का भी लेन देन बचा हुआ था।
जेल प्रशासन पर खफा कप्तान
जेल सिपाही मान सिंह पर हुए हमले के बाद 4 दिन के लिये जेल को अपना ड्रांइग रुम बना चुकी टीम अजय के मुखिया जेल प्रशासन पर भयंकर क्रोधित दिखे। इंट्रोगेशन टीम का हिस्सा रहे एक अधिकारी ने बताया कि ये पूरी कहानी आने के बाद अजय साहनी ने लगभग चीखते हुए जेल के स्टाॅफ से कहा कि ’ हमलोग अपना खून-पसीना देकर अपराधियों को पकड़ कर अंदर करते है और तुम लोग यहां उनकी सल्तनत चलाने में मदद कर रहे हो। उन्होंने चेतावनी वाले अंदाज में ही कहा कि जेल में जरायम की दुनियां को जो खाद पानी मिल रहा है उसको बंद करो। उन्होंने यहां तक कह दिया कि सांप को दूध पिलाना बंद करो नही तो एक दिन खुद को डसेगा । सामने से इस बारे में पूछने पर कप्तान ने कुछ भी बताने से इंकार किया लेकिन बताया जा रहा है कि जेल की कुंडली तैयार की जा रही है और एक समग्र रिपोर्ट शासन को जायेगी।
एनसीआरबी/एससीआरबी से मांगे जो रहे रिकार्ड
जांच का हिस्सा रहे सीओ सदर मोहम्मद अकमल खां बताते है कि दरअसल मुकेश राजभर काफी शातिर किस्म का अपराधी है। आजमगढ़ मे अभी तक उसके खिलाफ नौ मुकदमे सामने आये है लेकिन पूरब से ज्यादा पश्चिम में इसके अपराध है। नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो और स्टेट क्राइम रिकार्ड ब्यूरो ये भी उसका रिकार्ड मांगा जा रहा है। श्री खां बताते है कि मुकेश के नाम पश्चिम में बड़े काम है। इसका ठिकाना पश्चिम में ही रहता है और मूव आॅन रहता था । काफी डेयरिंग किस्म का अपराधी था।


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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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