रोटी, कपडा और मकान नहीं था मयस्सर,ग्राम स्तर पर हुई घोर लापरवाही
पुलिस उप महा निरीक्षक विजय भूषण का दिल भी पिघला,दी आर्थिक मदद
आजमगढ़ : एक तरफ जनपद में मुख्यमंत्री का दौरा जहाँ प्रशासनिक व्यवस्था चुस्त करने को करोड़ों का पैकेज मिलता है वहीँ उसी रात इस भीषण ठंड में लगभग खुले में रह रही एक महिला की मौत और उसके पीछे अनाथ हुए दो मासूम बच्चे धरातल पर कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। महाराजगंज क्षेत्र के आराजी बैरिया इब्राहिमपुर गांव के मछरीहवा रोशन पुरवा निवासी 40 वर्षीया महिला सोमारी देवी अपने दो बच्चों के साथ खुले में रह रही थी। छत के नाम पर उसके पास तीन तरफ से खुला एक जर्जर घास फूस का छप्पर ही था। गुरुवार की रात महिला की मौत हो गयी और उसके डेढ़ वर्षीय बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है। भारत रक्षा दल के सहयोग से मृतका का अंतिम संस्कार किया गया। गांव के प्रधान कैलाश यादव ने बताया कि मृत महिला एक तार तार हो चुकी करकट में आपने दो बेटे 7 वर्षीय श्रवण व डेढ वर्षीय रोहित के साथ रहती थी। उसके पास ठंड से बचने के लिए पर्याप्त संसाधन नही था। पिछली साल उसे दो कम्बल दिया गया था। इस समय पड़ रही कड़ाके की ठंड में वह बुधवार की शाम बच्चों के साथ सोयी थी। रात में महिला की मौत हो गयी। गांव के लोगों को गुरुवार की सुबह जानकारी हुई। ग्रामीण महिला के कुछ दिनों से बीमार होने की चर्चा भी कर रहे थे , कुछ लोगों ने सहयोग के लिए हाथ बढ़ाया मगर देर हो चुकी थी। ग्रामीण व प्रधान के सहयोग से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। छोटे बेटे को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वैसे दो दिन पूर्व ही जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश मातहतों को जारी किये थे की कोई भी कहीं खुले में न सोने पाए ,अब देखना है की जिला प्रशासन जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्यवाही करता है। वैसे मृतका का दाहसंस्कार भारत रक्षा दल के हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव की ने नगर के राजघाट में कराया । साथ ही भारत रक्षा दल ने आपात बैठक कर सर्वसमति से निर्णय लेते हुए प्रशासन से मांग की की दोनों अनाथ बच्चों को उनके हवाले कर दिया जाए , संगठन उनका पालन पोषण करने को तैयार है। वहीँ पुलिस उप महानिरीक्षक विजय भूषण ने मामले की जानकारी पाते ही पीड़ित बच्चों की मदद को 10 हजार रुपये व 02 कम्बल की सहायता भेजी और आगे भी सहयोग का आश्वासन दिया है।
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