आजमगढ़: जिले का मण्डलीय चिकित्सालय परिसर में दर्जनों शराब की शीशियाँ फेंकी पड़ी हुई थी और जब मीडिया की नजर उस पर पड़ी तो सीएमएस ने तुरन्त शराब की बोतलों को हटवाया और जांच के बाद कार्रवाई की बात कही। आजमगढ़ जिले के मण्डलीय जिला चिकित्सालय परिसर में स्थित दवा के घर के सामने कैम्पस में आज शराब की दर्जनों बोतले फेंकी हुई थी। अस्पताल में आये मरीजों के परिजनों की नजर जब उस पर पड़ी तो मीडिया भी वहां पहुंच गयी और वहां फेंकी गयी शराब की बोतलों को कैमरे में कैद कर लिया गया। जब इस बाबत सीएमएस से बात की गयी तो उनका जवाब था कि उन्हें इस बात की जानकारी नही है जब उनसे देखने के लिए कहा गया तो उन्होंने शराब की बोतलों को फेंकवाया। उनका कहना है कि यह पब्लिक प्लेस है और किसी को रोक नही सकते, हमारीजानकारी में आयेंगा तो पुलिस को इंफार्म करेंगे और उसको पकड़वायेगे और एफआईआर कर जेल भेजवायेंगे। सीएमएस ने कहा कि इसमें जो भी शामिल है इसकी जांच करवायेंगे कि इसमें अस्पताल का व्यक्ति है या बाहर का उसके बाद कार्रवाई की जायेगी। वही बड़ा सवाल यह उठता है कि साफ-सफाई होने के बवाजूद आखिर शराब की बोतले कैसे आयी और किसी भी स्टाफ की नजर आखिर उन बोतलों पर क्यों नही पड़ी। अखिर मीडिया के जगाने के बाद ही क्यों अस्पताल प्रशासन जागा यह एक बड़ा सवाल है। मंडलीय अस्पताल में दवा वितरण कक्ष संख्या पांच के सामने गार्डेन में सोमवार को करीब डेढ़ दर्जन शराब की बोतले फेंकी पायी गयी। इस के बाद सीएमएस ने रात के समय अस्पताल के सुनसान स्थान पर चौकसी बढ़ाने का निर्देश दिया। बताया की अस्पताल में सीसी कैमरा लगाया है कि लेकिन यह पर्याप्त नही है। करीब आधा दर्जन स्थानों पर ही कैमरा से निगरानी रखी जा रही है ।
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