आज़मगढ़ : केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के योगी सरकार पर पूर्व की सरकार की नीतियों को अपनाने और केवल घोषणा करने सम्बंधित बयान पर जवाब दिया और कहा कि अखिलेश आत्ममंथन करें कि आखिर उनकी नीतियाँ इतनी कारगर थीं तो प्रदेश की जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता क्यों दिखलाया। वहीं उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीजेपी के साथ उनकी पार्टी अपना दल (एस) का गठबंधन बहुत ही मजबूत है और यह इतिहास में अबतक का सबसे सफल गठबंधन है। हमारी लोकप्रिय नीतियों का परिणाम है कि 2014 के बाद 2017 में जनता का विश्वास बढ़ा और जनता ने ज्यादा स्नेह आशीर्वाद दिया है। आने वाले 2019 व 2022 में भी मजबूती से गठबंधन होगा। विपक्षी इसी से घबराए हैं। उन्होंने बताया की नेशनल मेडिकल कमीशन बिल को जो शीत कालीन सत्र में आना था लेकिन तमाम विपक्षी दलों की राय के बाद इसे स्टैंडिंग कमेटी को भेज दिया गया। स्टैंडिंग कमेटी की सिफारिश के बाद 29 जनवरी से बजट सत्र के शुरू होने पर बिल को पेश किया जाएगा। मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि उनकी पार्टी की इस वर्ष की पहली मासिक बैठक आज़मगढ़ से शुरू हो रही है। परम्परा से हट कर इस बार पार्टी की मासिक बैठक इस बार लखनऊ से हट कर पूर्वांचल के महत्वपूर्ण जिले में कराये जाने की नीति पार्टी की केन्द्रीय कार्यकारिणी ने तय की थी। आने वाले दिनों में प्रदेश के कोने कोने तक बैठकें होंगी। आजमगढ़ के राहुल प्रेक्षागृह सभागार में अपना दल एस की मासिक बैठक में केन्द्रीय मंत्री का जोरदार स्वागत हुआ। केन्द्रीय मंत्री ने अपने परिवार में विवाद के बारे में कहा कि सभी परिवार हैं और सभी साथ हैं। वहीं उन्होंने केंद्र सरकार की राज्य सरकार के सहयोग से स्वास्थ्य को लेकर गरीबों व वंचितों के लिए तमाम योज़नाओं के चलाये जाने की जानकारी दी। गठबंधन की सीट को लेकर सवाल में कहा कि अभी चुनाव में समय है जब आयेगा तब सब कुछ तय हो जाएगा। कहा जबसे सरकार बनी है तमाम कदम उठाये हैं कि अमृत फार्मेसी स्टोर्स से कैंसर व तमाम जानलेवा बीमारियों की दवा मार्केट रेट से 70 से 90 प्रतिशत तक डिस्काउंटेड रेट पर मिल रही है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम को राज्य सरकार के सहयोग से पीपीपी मॉडल पर हर जिले में चलाये जाने का प्रयास चल रहा है जिसमे गरीब मरीज़ को नि:शुल्क सुविधा मिलेगी। फ्री ड्रग्स फ्री डायग्नोस्टिक्स भी योजना है जिसमे एनआरएचएम से राज्य सरकार के सहयोग से नि:शुल्क दवा और जरुरी जांच कराई जा रही है और पहल की जा रही है। वहीं एम्स की संख्या बढ़ायी जा रही है और प्रयास किया जा रहा है कि हर राज्य में कम से कम एक एम्स क अस्पताल बने। इसी प्रकार एड्स एचआईवी बिल लाया गया और मेंटल नीति बनाई गयी। वहीं 2017 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के तहत तय किया है कि स्वास्थ्य में हमारी जीडीपी का फिलहाल 1.2% प्रतिशत खर्च हो रहा है उसे 2025 तक 2.5% प्रतिशत तक किया जाए।
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