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एसकेपी इंटर कालेज श्रीराम कथा; श्रीराम चरित मानस से मिलती जीवन जीने की कला

आजमगढ़। नगर के एसकेपी इंटर कालेज के प्रांगण में प्रारम्भ साप्ताहिक श्रीराम कथा में प्रवचन करते हुए प्रसिद्धि कथा वाचक बालव्यास पं0 कौशल किशोर जी महराज ने कहा कि श्रीराम चरित मानस मानव जीवन के लिए प्ररेणास्रोत है, इससे लोगों को जीवन जीने की कला की सीख मिलती है। मानस की प्रत्येक चौपाई महामंत्र है। भगवान श्रीराम विष्णु के अवतार नहीं अपितु अवतारी हैं। राम नाम को जपकर ही शिव महादेव हो गए, इनके अंश से अनेक ब्रहमा और विष्णु जगत का सृजन और पालन करते है। प्रभु श्रीराम का जीवन आदर्श और मर्यादा से परिपूर्ण है। इनके शीलत की चर्चा शत्रु भी करते हैं। कथा को आगे बढ़ाते हुए बालव्यास ने शिवसती प्रसंग की चर्चा की, उन्होंने कहाकि सतीजी सीता के रूप में श्रीराम की परीक्षा लेने के लिए जैसे उद्धत हुई भगवान राम ने उन्हें सती के रूप में पहचानकर हाथ जोड़कर प्रणाम किया। प्रभु ने अपने चरित्र से यह संदेश दिया कि सेवक सेव्य भाव से ही परमात्मा को प्राप्त कर सकता है भगवान न तो परीक्षा से मिलते है और न ही समीक्षा से बल्कि वे सदैव प्रतीक्षा से मिलते हैं। इस मौके पर सुभाष चन्द्र तिवारी, दीनानाथ श्रीवास्तव, रामानन्द वर्मा, अनुप कुमार, रामनयन शर्मा, गुलाब यादव, घनश्याम तिवारी, डा. चन्द्री जीवन बनर्जी,चन्द्रमा पांडेय सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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