फूलपुर : आजमगढ़: विधवा महिला द्वारा फिल्म अभिनेत्री व पूर्व सांसद शबाना आजमी पर लगाये गये उत्पीड़न के मामले में नया मोड़ आ गया है। आरोप लगने के कुछ घंटे के भीतर ही शबाना आजमी ने सफाई देते हए कहा कि उनका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। उनपर सरासर झूठा आरोप लगाया है। रास्ता गांव के लोग और प्रधान की मांग है। मैंने सिर्फ सुलह कराने की कोशिश की। जब कोई तैयार नहीं हुआ तो मैं अलग हट गई। बता दें कि राज्यसभा सदस्य रहते हुए शबाना आजमी ने सपा सरकार में ग्राम सभा मेजवा में कुंवर नदी पर एक पुल का निर्माण कराया था। पुल बनकर तैयार है। इस पुल के जरिये कनेरी और मेजवा गांव आपस में जुड़ जाएगा। कनेरी की तरफ से पुल को जोडने के लिए मार्ग बन गया है पर पुल से मेजवा गाव को जोड़ते हुए कैफी मार्ग को जोड़ने के लिये सीधा रास्ता नहीं बन पा रहा है। कारण कि जहां रास्ता गुजरना है उस भूमि का कुछ हिस्सा मंजरी बानो पत्नी स्व. राहत हुसैन की है। इस ममाले में मंजरी ने फिल्म अभिनेत्री पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। महिला के मुताबिक ठेकेदार द्वारा उसकी बाग से सीधा रास्ता बनवाने का प्रयास किया जा रहा है। शबाना आजमी और जिले के कुछ अधिकारी तथा स्थानीय अधिकारी रास्ता बनाने के लिये मेरा उत्पीड़न कर रहे हैं। जबकी यह भूमि मेरे भाईयों ने जीवनयापन के लिये मुझे दिया है। इसके बाद शबाना आजमी का बयान सामने आया है। उन्होंने सारे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। यह पूरी तरह गांव के लोगों और प्रधान से जुड़ा मामला है। मामला में संज्ञान में आया तो हमने समझौते का प्रयास किया था लेकिन जब बात नहीं बनी तो मैं पीछे हट गयी। इस मामले में मेरा नाम घसीटना पूरी तरह गलत है।
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