अजीबो गरीब समस्या से पीड़ित बालक को आगे आयी नारी शक्ति संस्थान
आजमगढ़: जिले में एक 13 वर्षीय मासूम की आंखों से खून आता है। तीन साल से मासूम को यह बिमारी है लेकिन अभी तक कोई डाक्टर यह नही पकड़ पाया कि आखिर इसकी आंखों से खून क्यों आता है। मासूम की सभी जांच करा ली गयी लेकिन जांच में कुछ भी नही निकला। अब परिजन परेशान है कि वह करें तो क्या करें क्योंकि उनकी आर्थिक स्थिति भी ठीक नही है। आजमगढ़ जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के हीरापट्टी मुहल्ले में रहने वाला 13 वर्षीय शिखर के पिता रविप्रकाश दिवेद्वी और माँ ममता दिवेद्वी प्राईवेट नौकरी कर किसी तरह अपने परिवार का भरण पोषण करते है। परिजनों अनुसार तीन वर्ष पूर्व शिखर को तेज बुखार हुआ और उसके बाद उसकी आंखों से खून निकलने लगा। घबराएं परिजन मासूम शिखर को चिकित्सक के पास ले गये और उसकी साड़ी जांच कराया लेकिन जांच में कुछ भी नही निकला। वाराणसी से लेकर लखनऊ पीजीआई तक परिजन शिखर को ले गये लेकिन चिकित्सक किसी भी निष्कर्ष तक नही पहुंच पाये कि आखिर इसे क्या बिमारी है और इसकी आंखों से क्यों खून आता है। परिजन तीन सालो से शिखर का इलाज करा रहे और अब उनकी आर्थिक स्थिति भी खराब हो चुकी है क्योंकि शिखर के पिता व मां दोनों लोग प्राईवेट नौकरी कर किसी तरह अपने परिवार का खर्च चला रहे है। स्थानीय चिकित्सकों का अनुमान है की कोई बहुत ही बारीक मसला छूट जा रहा है जिससे यह समस्या पकड़ में नहीं आरही है। विशेषज्ञों की राय में यह मामला एम्स भेजने के लायक है जबकि परिजन अब इस स्थिति में नहीं थे। काफी दिनों से बेबस बैठे परिवार के लोगों को शुक्रवार को उस समय आस जगी जब समाज सेवी संस्थान नारी शक्ति संस्थान ने उनके घर का रुख किया। संसथान की सदस्यों ने कहा की परिवार में मिलने के बाद महसूस हुआ की श्रीमती ममता द्विवेदी के 12 वर्षीय पुत्र को एक अजीब सी बीमारी है जिसमे उसके आँखों से खून कभी भी बहने लगता है। इस बात की जानकारी भी संसथान को हुई है की इस बीमारी के बारे में आजमगढ़ से लेकर बीएचयू तक के चिकत्स्क कुछ भी बताने की स्थिति में नही है और अब वहां से भी उन्हें अखिल भारतीय स्तर की संस्थान एम्स के लिए रेफेर भी करदिया गया था परन्तु आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण माता पिता इलाज कराने में समर्थ नही है। नारी शक्ति संसथान की टीम ने यह निर्णय लिया की पहले बच्चे को एम्स में दिखने का प्रबंध किया जाय और पता चले की इसको बीमारी क्या है फिर आगे इलाज की व्यवस्था की जायेगी। संस्थान ने आश्वाशन दिया की पीड़ित बालक को दिल्ली भेजने का प्रबंध किया जाएगा साथ ही उसके बाद बाकि के इलाज का प्रबंध भी किया जायेगा।
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