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बसपा में बगावत, टिकट न मिलने पर रुपेश सिंह ने पार्टी छोड़ी

अपने संस्थापक कांशीराम जी के सिद्धांतों से दूर हो चली है पार्टी- रुपेश सिंह 

आजमगढ़। निकाय चुनाव में अपनो के बगावत से जूझ रही बसपा को एक और झटका लगा है। पार्टी के कद्दावर नेता रूपेश सिंह ने नगरपालिका में टिकट न मिलने के कारण पार्टी को बाय बाय कह दिया। इस दौरान उनहोंने पार्टी मुखिया पूर्व मुख्यमंत्री मायावती पर गंभीर आरोप लगाए। रूपेश सिंह कहा कि बहुजन समाज पार्टी अब अपनी नीतियों से भटक चुकी है, वह अब धन बल के लोगों की चहेती पार्टी बन चुकी है। पार्टी से बगावत कर निर्दल नामांकन करने वाले रूपेश सिंह ने रैदोपुर में मीडिया से बातचीत में कहा कि बहुजन समाज पार्टी का मुख्य एजेंडा था गरीब, असहाय, पीड़ितों की मदद करना लेकिन वह अब अपने संस्थापक कांशीराम जी के सिद्धांतों से दूर हो चली है। उसे आज अपराधिक किस्म के व्यक्ति ही पंसद आ रहे।
ऐसे में बसपा में अब मुझे घुटन महसूस हो रही है। इसलिए मैं बसपा के सभी पदों से खुद को मुक्त करता हू। उन्होंने कहा कि 21 वर्षो से मैने तन-मन से बसपा को मजबूत करने का काम किया लेकिन निकाय चुनाव में उसने मेरी व मेरे समर्थकों की उपेक्षा किया। समर्थकों के ही निर्णय से मैने तय किया कि अब मै बसपा से खुद को अलग करूं। बता दें कि श्री सिंह छात्र जीवन से ही राजनीति में प्रवेश किये, उनकी छवि जमीनी नेता के रूप में लोगों के बीच है। वर्ष 2006 में रूपेश निर्दल नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव लड़े थे और पांच हजार मत हासिल किये थे। इसलिए इस बार उनका दावा काफी मजबूत माना जा रहा था। कारण कि वर्ष 2006 में बसपा चुनाव मैदान में नहीं उतरी थी और पार्टी के नाम पर तीन प्रत्याशी मैदान में उतरे थे। उसमें भाजपा की लालगंज सांसद नीलम सोनकर भी थी। उसके बाद भी रूपेश का प्रदर्शन काफी अच्छा था।  

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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