आजमगढ़ : जिलाधिकारी कार्यालय पर सोमवार को फिल्म पद्मावती के प्रदर्शन पर रोक लगाने के लिए विभिन्न संगठनों के लोगों ने प्रदर्शन किया। फिल्मकार पर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करने का आरोप लगाया। जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन दिया। सक्षम सामाजिक सांस्कृतिक संगठन के पवन कुमार ने कहा कि रानी पद्मावती भारतीय नारियों की आदर्श है। जिन पर भारतीयों सहित पूरे हिन्दू समाज का गर्व है। चित्तौड़ की राख बताती है कि रानी पद्मावती ने अपने सतीत्व, देश और उसके आन की रक्षा के लिए हजारों महिलाओं के साथ जौहर किया था। फिल्मकार की ओर से इसे तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत करना सनातन हिन्दू धर्म, आदर्श जीवन मूल्य, आदर्श भारतीय नारी का अपमान है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने फिल्म पर रोक लगाने की मांग की। मांग करने वालों में विश्वजीत सिंह पालीवाल ,विश्व हिन्दू परिषद के रामकृष्ण मिश्र, शहीदे आजम भगत सिंह चेतना संस्थान के क्राति सिंह, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के दिनेश सिंह, बजरंग दल के गौरव, कायस्थ महासभा युवा के प्रदेश अध्यक्ष सूरज श्रीवास्तव, गायत्री परिवार से उषा शर्मा, नारी शक्ति संगठन से आशा, रविभूषण, अरूण सिंह साधू, गोपश्वर सिंह सहित अन्य लोग शामिल रहे।
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