.

नामांकन: व्हीलचेयर पर पंहुची शीला,सपा से पद्माकर ने भी भरा दम,साफ़ हुयी तस्वीर


नामांकन करने पहुंची निर्दल शीला श्रीवास्तव 
नामांकन करने पंहुचे सपा प्रत्याशी पद्माकर लाल वर्मा 

आजमगढ़। आजमगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष सीट पर भाजपा और बसपा में बागवत के बाद सियासी हलचल तेज हो गयी है। सोमवार को नामांकन पूर्ण होने के बाद सही स्थिति भी सामने आ गयी। आजमगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष के लिए 26 और मुबारकपुर नगरपालिका के लिए 13 उम्मीदवार मैदान में कूद गये हैं।  बसपा से टिकट न मिलने के बाद पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शीला श्रीवास्तव ने निर्दल के रूप में पर्चा भरा तो भाजपा की बागी तत्कालीन नगरपालिका अध्यक्ष इंदिरा जायवाल के पुत्र अभिषेक जायसवाल दीनू ने भी कलेक्ट्रेट पहुंचकर निर्दल ताल ठोक दिया। इससे भाजपा और बसपा की मुसीबत बढ़नी तय है। वैसे यहां सपा की राह भी आसान नहीं है। कारण कि टिकट न मिलने के बाद कई दावेदार और प्रभावी नेता भीतरघात कर रहे है। हालांकि सपा के घोषित उम्मीदवार पद्माकर लाल वर्मा ने नामांकन के मौके पर अपनी जनसेवक और व्यापारी नेता वाली छवि का ही प्रदर्शन किया और कहा की पालिका में फैला भरस्टाचार और शहर में उचित साफ़ सफाई ही उनका प्रमुख मुद्दा है। उनके साथ नामांकन कराने सदर विधायक दुर्गा प्रसाद यादव व पूर्व मंत्री वसीम अहमद सहित तमाम सपा नेता मौजूद रहे। तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष इंदिरा जायसवाल के पुत्र अभिषेक जायसवाल दीनू पहाड़पुर स्थित गौशाला से जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और नामांकन दाखिल किया। उन्होंने कहा कि पांच साल में उन्होंने जिले का सर्वांगीण विकास किया है। उसी विकास के आधार पर जनता से वोट मांगेंगे। रहा सवाल भाजपा का तो अब उससे मेरा कोई लेना देना नहीं है। पार्टी भटक चुकी है। वहीं पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शीला श्रीवास्तव आकस्मिक बीमारी की हालत में व्हील चेयर  पर बैठ  सैकड़ों समर्थकों के साथ आकर्षण का केंद्र रहे जुलूस को निकालकर कलेक्ट्रेट परिसर पंहुची और  निर्दल प्रत्याशी के रूप में पर्चा भरी। उन्होंने भी दावा किया कि अपने पति द्वारा दस साल में किये गये कार्य व स्वयं के विकास कार्यो के आधार पर जनता का समर्थन मांगेंगी। उन्होंने कहा की नगर की सफाई, प्रकाश व्यवस्था निस्तारण पर काम किया जाये तो आम जनता के लिए बेहतर होगा।  इसके अलावा कांग्रेस से डा. रमेश चंद्र, बसपा से सुधीर सिंह पपलू, भाजपा प्रत्याशी अजय सिंह भी लंबे जुलूस के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर नामाकंन किये। सभी अपनी जीत का दावा करते नजर आये। बागियों के मैदान में उतरने से चुनाव का दिलचस्प होना तय है। कारण कि शीला श्रीवास्तव और दीनू का अपना जनाधार है। वहीं सपा भी भीतरघात के खतरे से जूझ रही है। सबसे अहम बात है कि सभी प्रत्याशियों की नजर इस बार मुस्लिम मतदाताओं पर है। सपा से मुस्लिम दावेदार सामने भी आये थे लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। इसके बाद से मुस्लिम मदताआ पूरी तरह चुप्पी साधे हैं। वहीं दीनू भाजपा और शीला बसपा के लिए चिंता का सबब बने हुए हैं ।

Share on Google Plus

रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

आजमगढ़ लाइव-जीवंत खबरों का आइना ... आजमगढ़ , मऊ , बलिया की ताज़ा ख़बरें।
    Blogger Comment
    Facebook Comment