आजमगढ़: धनाभाव के कारण जिला अस्पताल में उपचार के लिए जूझ रही युवती को गुरूवार को उस समय संजीवनी मिल गयी जब महिलाओं के लिए मुखर नारी शक्ति संस्थान की पूरी टीम ने जिला अस्पताल पहुंचकर पीड़िता के परिजनों को ढ़ाढ़स बंधाया । वार्तालाप के दौरान मालूम हुआ कि यहाँ चिकित्सकीय व्यवस्था लचर है, नारी शक्तियों ने तत्काल मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से पूरे वास्तुस्थिति की जानकारी दिया और इस पर अधीक्षक ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया। बीते 13 अक्टूबर को युवती को पुलिस ने जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था लेकिन गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बीएचयू के लिए रेफर कर दिया। वहां चिकित्सकीय उपचार के बाद पुनः जिला चिकित्सालय में पुलिस ने पीड़िता को भर्ती करा दिया। जैसे ही पीड़िता के बारे में नारीशक्ति संस्थान को जानकारी हुआ तो उन्होंने तत्काल न सिर्फ पीड़िता से मिलकर उसके हाल को देखा और उसके परिजनों से पूरे मामले की जानकारी प्राप्त किया। इस दौरान आश्वासन दिया कि पीड़िता के चिकित्सकीय उपचार में अगर कोई दिक्कत होगी तो संस्थान को अवगत कराये हम उसका निवारण करायेंगे। साथ ही खर्च में जो भी कमी आयेगी उसकी पूर्ति संस्थान करेगी। नारीशक्ति संस्थान ने निर्णय लिया कि प्रतिदिन संस्थान की महिलाएं पीड़िता का हाल चाल लेती रहेगी और जहां भी जरूरत होगा पूरी टीम खड़ी होकर पीड़िता की हर संभव मदद करेगी। अध्यक्ष डा वंदना द्विवेदी ने कहा कि किसी भी पीड़ित नारी शक्ति के उपचार के लिए नारी शक्ति संस्थान सदैव तत्पर रहती है। उक्त युवती के उपचार में परिजन जो खर्च नहीं वहन कर पायेगे उसकी पूर्ति संस्थान करेगी। सभी से अपील किया कि ऐसे पीड़ित लोगों के लिए अन्य लोगों को भी सामने आना चाहिए ताकि मानवीयता को बचाये रखा जा सके। महामंत्री अनीता द्विवेदी ने कहा कि यदि पीड़िता को न्याय नहीं मिलता तो संस्थान उसे न्याय दिलाने के लिए जिलाधिकारी से मिलकर पूरे मामले की शिकायत करेगी और उसे न्याय दिलायेगी। नारी शक्ति संस्थान की तरफ से कोषाध्यक्ष रश्मी डालमिया, सुधा तिवारी, ममता राय, नीतू कश्यप आदि मौजूद रही।
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