.

मुबारकपुर: महासम्मेलन: फिरकापरस्त लोगों को जवाब का जवाब प्रेम और भाईचारे से देना है

देश के एकता व अखंडता के लिए हो एकजुट-मौलाना अशहद मदनी
देश आजाद हो गया, लेकिन गरीबी, भुखमरी, बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या -स्वामी अग्निवेश 
शाहगढ़: मुबारकपुर क्षेत्र के ग्राम इब्राहीमपुर बाजार में शुक्रवार की रात में आल इण्डिया कौमी यकजेहती कांफ्रेंस (अखिल भारतीय राष्ट्रीय अखण्डता महासम्मेलन) कौमी यकजेहती कमेटी एवं बाशिंदगाने इब्राहीमपुर के ततवाधान में आयोजन किया गया। जिसमें सभी मजहब व धर्म के विद्वानों ने अपने अपने विचारों को व्यक्त किया। इन्हें सुनने के लिए आस पास के क्षेत्रों सहित दूर दराज से लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कार्यक्रम का आगाज कारी रहमत अली ने तिलावते कुरआने पाक से किया तथा नात-ए-पाक का नजराना दिल खैराबादी ने पेश किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जमियतुल उलमाये हिन्द के महासचिव हजरत मौलाना महमूद अशहद मदनी ने कौमी यकजेहती कांफ्रेंस में बोलते हुये कहा कि हमारा देश हिन्दुस्तान बेशुमार मजहब व धर्म को मानने वालों का देश है। यहां मुख्तलिफ जबानें बोली जाती हैं यहां तक कि हर 12 किलो मीटर पर जबान का लबोजहजा बदल जाता है। डायवर्सिटी इस देश की खूबसूरती है। यदि खत्म हो जायेगी तो यहां की सुंदरता खत्म हो जायेगी। मुठ्ठी भर फिरकापरस्त लोग यहां की एकता और यहजेहती को खत्म करने की नापाक साजिश कर रहे हैं । इसका जवाब हमें ईंट पत्थर से नहीं बल्कि आपसी भाईचारे को बढ़ावा देकर मुहब्बत और प्रेम से देना होगा। उन्होंने ने यह भी कहा कि आग को आग से नहीं बुझाया जा सकता, बल्कि पानी से बुझाया जाता है। ठीक उसी तरह हमें सब्र से काम लेना चाहिए। अमन और शांति कायम रखने के लिए हमें अमल करना होगा रद्देअमल (प्रतिक्रिया) नहीं करना चाहिए। हमें अपने देश की एकता, अखण्डता को हर हाल में बचाना है। दिल्ली से पधारे स्वामी अग्निवेश ने कहा कहने के लिए तो देश आजाद हो गया, लेकिन यहां गरीबी, भुखमरी, बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है। पांच करोड़ बच्चों की गरीबी के चलते तीसरी या चौथी कक्षा से ही उनका नाम कट जाता है। मोदी जी को जिता कर इतनी बड़ी ताकत जनता ने दिया है जो वादे उन्होंने किया है उसे पूरा करके दिखाएं। संविधान की 47वीं धारा में लिखा है कि पूरे मुल्क में शराबबन्दी होना चाहिए। गुजरात ही एक ऐसा प्रांत है जहां शराब की आमदनी को चाहे किसी भी दल की सरकार रही हो हाथ नहीं लगाया। इत्तेहादे मिल्लत संस्था के अध्यक्ष हजरत मौलाना तौकीर रजा खां बरैली ने कहा कि हमारे देश के हालात ऐसे हैं कि आज हमें अपने देश से मुहब्बत करने का सुबूत पेश करना पड़ता है। हम सभी लोगों को चाहिए कि इंसानियत का दामन थामे रखें। इंसानियत का तकाजा यह है कि अगर पड़ोसी भूखा है तो हम पर निवाला हराम है। पड़ोसी चाहे हिन्दु हो या मुस्लिम। हम ऐसा किरदार और अमल पेश करें कि नफरत का बीज बो कर आपस में दुश्मनी पैदा करने वाले जालिमों को मजबूर कर दें और इंसानियत के आगे उनका सिर भी शर्म से झुक जाये। कांफ्रेंस को संबोधित करने वालों में जफर अदीब सलफी, शहजाद पूना वाला, फादर आनंद गिरजाघर बनारस, मौलाना मिनहाल रजा अंसारी, डा. मुम्ताज आलम रिजवी, हजरत मौलाना तहलहा ने भी सम्बोधित किया। अध्यक्षता मौलाना तौफीक अहमद कासमी व संचालन डा. अब्दुर्रहमान साजिद आजमी ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से कार्यक्रम के संयोजक फैसल नईम आजमी, जावेद आलम,हाफिज तनवीर,उमर फारूक, शकीलुर्रहमान,जमीलुर्रहमान, मन्सूर अहमद, मुहम्मद सादिक आदि सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे।

Share on Google Plus

रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

आजमगढ़ लाइव-जीवंत खबरों का आइना ... आजमगढ़ , मऊ , बलिया की ताज़ा ख़बरें।
    Blogger Comment
    Facebook Comment