आजमगढ़ : शहर के हर्रा की चुंगी क्षेत्र में स्थित एक निजी अस्पताल पर महिला मरीज को लेकर आए परिजनों ने चिकित्सक द्वारा हाथ खड़े कर देने पर अस्पताल में हंगामा काटा और तोड़फोड़ की। घटना शनिवार की दोपहर में हुई। पुलिस की मदद से गंभीर हालत में महिला को शहर के दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गाजीपुर जिले के बहरियाबाद थाना अंतर्गत हुसैनपुर मुरथान ग्राम निवासी धीरेंद्र गिरी की पत्नी पूनम 30 के बच्चेदानी का ऑपरेशन गत नौ अक्टूबर को हर्रा की चुंगी क्षेत्र में जिला अस्पताल के समीप एक निजी अस्पताल में किया गया था। उपचाराधीन महिला को स्वास्थ्य लाभ न मिलने पर परिजन शुक्रवार को उसे लेकर वाराणसी स्थित बीएचयू ट्रामा सेंटर ले जाया गया जहां चिकित्सक ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए लौटा दिया। पीड़ित महिला को अचेत अवस्था में लेकर शनिवार को दिन में परिजन हर्रा के चुंगी क्षेत्र में स्थित निजी अस्पताल ले आए जहां उसका ऑपरेशन किया गया था। यहां भी चिकित्सक ने महिला का उपचार करने के मामले में अपने हाथ खड़े कर दिए। चिकित्सक के इस कृत्य से परिजन आपा खो बैठे और अस्पताल के बाहर बेसुध महिला को लेकर हंगामा करने लगे। इस दौरान परिजनों द्वारा अस्पताल में तोड़फोड़ भी की गई। सूचना पाकर मौके पर पुलिस पहुंच गई। इस मामले में महिला के देवर मनीष गिरी का आरोप है कि ऑपरेशन के आठवें दिन ही महिला मरीज को अस्पताल से घर भेज दिया गया। जबकि उसकी हालत ठीक नहीं थी। शुक्रवार को हालत बिगड़ने पर हम लोग उसे लेकर वाराणसी पहुंचे जहां चिकित्सक ने यह कह कर लौटा दिया कि जहां आपने इलाज कराया है वहां लेकर जाइए। यहां आने पर चिकित्सक ने महिला को अस्पताल में भर्ती करने से इंकार कर दिया। वहीं अस्पताल के चिकित्सक डॉक्टर अफजाल अहमद का कहना है कि गत नौ अक्टूबर को महिला के बच्चेदानी का ऑपरेशन किया गया। इसके बाद पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद महिला पैदल चलकर अपने घर गई थी । वहीँ परिजनों ने निजी चिकित्सक पर चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया है। हंगामे की जानकारी पाकर मौके पर पहुंचे बलरामपुर चौकी प्रभारी अब्दुल वहीद परिजनों को समझा बुझा गंभीर हालत में पड़ी महिला को शहर के एक दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। देर शाम तक इस मामले में शहर कोतवाली में कोई तहरीर नहीं पहुंची थी।
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