आजमगढ़: सरायमीर: शहीदाने कर्बला के अवसर पर सरायमीर कस्बा के चौक स्थित इमाम बाड़ा तस्कीने जैनब पर रविवार को सुबह 6 बजे से दस बजे तक मजलिस व मातम हुआ। मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना मोहम्मद तकी नजमी ने कहा कि हम मुहर्रम का चांद निकलने से लेकर चालिसवां तक इमाम हुसैन और उनके साथियों की याद में मनाते हैं इस अमल को अजादारी कहते हैं। अजादारी का मतलब जुल्म और आंतक के खिलाफ सत्याग्रह है। उस आंतक के खिलाफ जो कर्बला में हुआ और हर उस जुल्म के खिलाफ जो आज भी इंसानियत के ऊपर हो रहा है । उसके के बाद इमाम बाड़ा तस्कीने जैनब से शबीह ताबूत, अलम, ताजिया व जुलजनाह के साथ चेहल्लुम का जुलूस निकलकर पुराना थाना , अली आशकान रौजा, खरेवां मोड़ होते हुए सदर इमाम बाड़ा पहुंचा जहां पर सभी को 72 शहीदों की जियारत करते हुए मौलाना शाबिर अब्बास ने परिचय कराया। जुलूस के रास्ते में जगह-जगह हजारों की संख्या में पुरुष महिलाओं ने लब्बैक या हुसैन की सदा बुलंद की जिससे पुरा कस्बा गूंज उठा । जुलूस को मौलाना फजल मुमताज, मौ0 सय्यद काजिम अब्बास, मौ0 रिजवान मारूफी व सय्यद जीशान अली ने सम्बोधन में यजीद के द्वारा इमाम हुसैन उनके संतान और समर्थकों पर होने वाले जुल्म को विस्तार से बताया से जुलूस में शामिल लोग रोने लगे। चेहल्लुम के मजलिस में अंजुमन नकबिया रायबरेली, अंजुमन नासारिया फैजाबाद, अंजुमन रिजबिया सुल्तानपुर, अंजुमन हैदारीया जलालपुर, अंजुमन असगरीया गाजीपुर ने नौहा मातम करके कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की । कार्यक्रम का संचालन सहर अर्शी जौनपुरी और अध्यक्षता मोहम्मद हुसैन ने की। सुरक्षा के मद्देनजर सीओ फूलपुर संतोष कुमार सिंह, थानाध्यक्ष सरायमीर राम नरेश यादव काफी संख्या में पुलिस फोर्स व फायर ब्रिगेड गाड़ी के साथ जुलूस के समापन तक उपस्थित रहे । अंत में शिया कमेटी के अध्यक्ष कायम रजा ने प्रशासन और कार्यक्रम में शामिल हुए सभी लोगों का आभार प्रकट किया ।
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