आजमगढ़ : सरकार एक तरफ किसानों की स्थिति सुधारने पर लगी है तो दूसरी तरफ बैंक उनकी मंशा पर पानी फेर रहे हैं। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के ईश्वरपुर गांव के किसान बेचन यादव बैंक कर्मियों की लापरवाही की वजह से सरकार की महत्वपूर्ण ऋणमाफी योजना से वंचित रह गया। इसका कारण यह था कि उसके खाते में किसी ने 2.60 लाख रुपया एक दिन पहले जमा कर दिया और फिर दूसरे दिन निकाल लिया। बेचन यादव का आरोप है कि यूनियन बैंक खोदादादपुर की शाखा से मार्च 2014 तीन लाख उन्होंने लोन लिया था। एक मार्च 2016 तक वह रूक-रूक कर पैसा जमा कर रहे थे। इसके बाद कोई पैसा नहीं जमा किया। 30 मार्च 2017 को नोटबंदी के दौरान 2.60 लाख जमा कर किया गया। ठीक दूसरे दिन सब निकाल भी लिया गया। दो दिन पहले जब वह पासबुक पर प्रिंट कराया तो पता चला कि उसके खाते से लेन-देन हुआ है। इसकी वजह से वह ऋणमाफी योजना से वंचित हो गया है। इसकी शिकायत उसने शाखा प्रबंधक से की। उन्होंने प्रार्थना पत्र लेकर ऋणमाफी योजना का लाभ दिलाए जाने का आश्वासन दिया है। मजेदार बात यह है कि जब बेचन यादव ने पैसा जमा नहीं किया तो उसके खाते में किसने और क्यों जमा किया? फिर बिना उनकी साइन व पहचान के कैसे निकाल लिया गया। इस संबंध में पूर्व विधायक आदिल शेख ने कहा कि यह किसानों के साथ अन्याय है। इसकी जांच कराकर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
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