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मासिक समीक्षा:डीएम ने कई पर की कार्यवाही,सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए

आजमगढ़ -- जिलाधिकारी चन्द्र भूषण सिंह ने 20 नवम्बर तक जनपद की समस्त सड़कों को गढ्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए है। इसके साथ ही उन्होने यह भी निर्देशित किया है कि रिक्त कोटे की दुकानों को प्रत्येक दशा में नवम्बर माह के अन्त तक आबंटित कर दें। इस हेतु ग्रामसभा की खुली बैठक में प्रस्ताव पारित करा ली जाय। श्री सिंह ने रिक्त कोटे की दुकानों के प्रस्ताव 2 नवम्बर तक प्राप्त न करने के कारण मेहनगर के खण्ड विकास अधिकारी सहित जिन विकास खण्डों के प्रस्ताव नियत समय तक नही लिए गये है उन सभी खण्ड विकास अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। 
उक्त निर्देश जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित विकास कार्यक्रमों की मासिक समीक्षा बैठक करते हुए दिए। उन्होने बैठक में अनुपस्थित आरईएस के अधि0 अभियन्ता से स्पष्टीकरण प्राप्त करने उनका एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिए। उन्होने यह भी निर्देेशित किया कि विकास खंडो के नोडल अधिकारी जिनके पास लम्बे समय से जांच लम्बित हो उसे नवम्बर माह के अन्त तक पूरा कर आख्या प्रस्तुत करे अन्यथा अगले माह का वेतन रोका जायेगा।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने चिकित्सा विभाग की समीक्षा के दौरान सीएमओ को निर्देश दिए कि वे चिकित्सकीय व्यवस्था बेहतर बनाए जाने, सभी सीएचसी/पीएचसी पर दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराने, साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के साथ ही चिकित्सकों की उपस्थिति पर बल दिया। उन्होने अजमतगढ़ में प्रसव कक्ष निर्माण प्रारम्भ न होने पर कड़ी नाराजगी प्रकट करते हुए कार्यदायी संस्था आरईएस को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के अन्दर निर्माण कार्य प्रारम्भ करा दें। बताया गया कि निर्माण एजेन्सी को वर्ष 2014 में ही धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। जिलाधिकारी ने इसे गम्भीरता से लेते हुए कहा कि धन की उपलब्धता के बावजूद कार्य प्रारम्भ न होना बेहद आपत्तिजनक है। उन्होने सीएमओ को यह भी निर्देश दिए कि जननी सुरक्षा योजना में शत-प्रतिशत लाभार्थी को अनुमन्य धनराशि उपलब्ध कराने हेतु आशा गर्भवती महिला का खाता नं0 अवश्य उपलब्ध कराये ताकि गभर्वती महिला लाभ से वंचित न हो सकें, अन्यथा उनका मानदेय रोका जायेगा।
जिलाधिकारी ने 14 वें वित्त आयोग एवं राज्य वित्त आयोग की धनराशि गाइड लाइन के अनुसार व्यय करने तथा इसके तहत हर गांव में कार्य कराये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि इस कार्य में अपेक्षित प्रगति नही हुई तो एडीओ पंचायत/बीडीओ के विरूद्ध कार्यवाही निश्चित होगी। उन्होने कहा कि जिस भी ग्राम पंचायत में कार्य हो पूरी पारदर्शिता के साथ हो। वित्तीय नियमों का पूरा पालन किया जाय तथा फाइनेन्सियल एक्सपर्ट की राय प्राप्त कर भुगतान की कार्यवाही करें। उन्होने निर्माण कार्यो की गुणवत्त्ता, समयबद्धता एवं पारदर्शीता पर विशेष बल देते हुए कहा कि कार्यो का सत्यापन कराया जाय और जो कार्य मानक के विपरित पाये जाये उसमें सम्बन्धित के विरूद्ध कठोरतम कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाय। जिलाधिकारी ने 14 वें वित्त आयोग एवं राज्य वित्त आयोग के कार्यो का निरीक्षण डीपीआरओ को करने के निर्देश देते हुए कहा कि वह माह में कम से कम 10 गांवों का निरीक्षण करें।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि वीडीसी की बैठक में सभी जिला स्तरीय अधिकारी अवश्य प्रतिभाग करें। इससे जनता एवं अधिकारी के बीच बेहतर संवाद स्थापित होगा। यह सुनिश्चत हो की माह में कम से कम वीडीसी की 4 बैठके अवश्य हो। उन्होने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले प्रधानों की प्रशांसा की जाय तथा खराब कार्य करने वाले के विरूद्ध कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाय। श्री सिंह ने शासन द्वारा निर्धारित समयसीमा के अन्दर छात्रवृत्ति का वितरण हर हाल में करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए। पेंशन की समीक्षा के दौरान उन्होने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन के पात्र लाभार्थियों का चयन खण्ड विकास अधिकारी अवश्य कर लें तथा उसकी सूची समाज कल्याण कार्यालय को भेजे। पात्रों का चयन शिविर आयोजित की जाय ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी वंचित न रहने पाये। निराश्रित विधवा पेंशन की धनराशि शत-प्रतिशत लाभार्थी के खाते में चली जानी चाहिए। इसके साथ ही पेंशन का आधार कार्ड से लिंक प्राथमिकता के आधार पर कराया जाय क्योंकि लाभार्थीपरक सभी योजनाओं के लभार्थियों को आधार से लिंक करना आवश्यक है।
श्री सिंह ने मनरेगा की समीक्षा के दौरान कहा कि इस योजना के तहत प्रत्येक गांव में कम से कम 3-4 तालाब का निर्माण अवश्य कराया जाय ताकि वहां जल संरक्षण अधिक से अधिक हो सकें। उन्होने यह भी निर्देश दिए की जल निगम द्वारा जिन योजनाओं में कार्य कराया जा रहा है उसका सत्यापन करा लिया जाय और जिसमे कार्य प्रारम्भ नही हुआ है। उससे शासन को अवगत भी कराया जाय। जिलधिकारी ने राजकीय बालिका छात्रावास के निर्माण की गुणवत्ता की जांच एईडीआरडीए को करने के निर्देश दिए। श्री सिंह ने यह भी कहा कि ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम की पूरी जिम्मेदारी खण्ड विकास अधिकारी की होती है। उन्होने स्वच्छ शौचालय की एमआईएस फीडिंग न हो पाने पर कड़ी नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि खण्ड विकास अधिकारी पंचायत सेक्रेटरी पर नियन्त्रण रखे तथा एमआईएस फीडिंग करायें।
बैठक मंे मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह, सीएमओ डा0 एसके तिवारी, डीआईओएस वीके शर्मा, अपर जिला सूचना अधिकारी अंजनी कुमार मिश्र, पीडी देवदत्त शुक्ला, उप कृषि निदेशक डा0 आरके मौर्य सहित विभिन्न विभागों के सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहें।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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