अभिषेक जायसवाल सोमवार को निर्दल करेंगे नांमांकन दाखिल
आजमगढ़: पार्टी द्वारा ऐन मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष का टिकट न देने से निवर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष इंदिरा जायसवाल के पुत्र अभिषेक जायसवाल दीनू ने बगावती तेवर दिखा दिए हैं। रविवार को मीडिया के सामने उन्होंने भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि दलित, पिछडे़, वैश्य समाज की आवश्यकता अब भारतीय जनता पार्टी को नहीं रही, वह अपनी नीतियों से भटक चुकी है और सत्ता के नशे में चूर है। दीनू और इंदिरा सब्जी मंडी स्थित अपने आवास पर मीडिया से बात कर रही थी। उन्होंने कहा कि दलित, पिछडे़, वैश्य समाज को भाजपा ने छलने का काम किया है। इन दबे कुचले समाज के लोगों से प्रति भाजपा को कोई सरोकार नहीं है। विकास और भ्रष्टाचार का झूठा राग अलापने वाली भाजपा को अब बेदाग छवि के लोग रास नहीं आ रहे है। असमाजिक व ठेकेदार लोगों को लाभ पहुंचाने मात्र के लिए बड़े ही सुनियोजित तरीके से मेरी राजनैतिक हत्या का प्रयास किया गया लेकिन जहां दबे कुचलों की बात न सुनी जाए उस भाजपा से मेरा अब कोई सरोकार नहीं होगा। मै खुद को भाजपा से मुक्त करता हूं। उन्होंने कहा कि भाजपा जाति बंधन मुक्त करने का ढ़ोंग करती है जबकि पूरी पार्टी ही जाति व्यवस्था में जकड़ी हुई हैं और विकास की बातें करना महज दिखावा है। बीते विधानसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद आजमगढ़ की सीट हार गयी क्योंकि उनके लोग ही खुलेआम दलितो, पिछड़े व वैश्य समाज का उपेक्षा करते रहे। मैने बीते नगर पालिका के चुनाव में विपरीत परिस्थितियों में भाजपा की वापसी करायी थी। नगर पालिका परिक्षेत्र का बगैर भ्रष्टाचार व भेदभाव के चतुर्दिक विकास कराया। गलियां, सड़के घाट, नालियां, पानी की टंकियों, ट्यूबेल, विद्यालय आदि मूलभूत सुविधाओं पर जमकर कार्य किया ताकि पालिका प्रशासन की व्यवस्था ठीक हो सके लेकिन सत्ता सुख भोग रही भाजपा को अब कर्मठ व बेदाग छवि के लोग रास नहीं आ रहे। मैने अंत तक भाजपा के निर्णय का इंतजार किया लेकिन परिणाम वैश्यों की उपेक्षा की गयी। इसलिए मैने निर्णय लिया है कि मै अपने विकास कार्यो के दम पर जनता जर्नादन के बीच जाऊंगा और उन्हीं से अपने द्वारा किये गये विकास रूपी परिश्रम के पसीने का हक मागूंगा। श्री जायसवाल ने कहा कि 6 नवम्बर 2017 को नगर के पहाड़पुर स्थित श्रीकृष्ण गौशाला से पदयात्रा करते हुए अपने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुचंकर निर्दल नामांकन करूगां। अब मुझे समाज और शहर के चतुर्दिक विकास के लिए कार्य करना है क्योंकि मैने राजनीति में प्रवेश ही समाजसेवा के लिए किया हैं। मेरी प्राथमिकता अब दलितों, पिछड़ों, वैश्यों के लिए कार्य करना और नगर के अधूरे पड़़े कार्यो को पूरा कर अपने नगर को महानगरों की श्रेणी में खड़ा करना होगा।
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