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लाइफलाइन में "आओ जीवन बचाना सीखें": दिल के दौरे की स्थिति में जीवन रक्षक कार्यशाला

आजमगढ़ : लाइफ लाइन चौराहे पर अचानक एक व्यक्ति बेहोश होकर गिरा नजदीक से गुजर रहे एक व्यक्ति ने तुरंत उनकी जाँच की और पाया की वो बेहोश है उस व्यक्ति ने नजदीक से गुजर रहे दूसरे व्यक्ति से एम्बुलेंस मंगाने के लिए कहा और स्वयं  उस बेहोश व्यक्ति को बचाने में जुट गया।  ये दृश्य लाइफ लाइन हॉस्पिटल के सभागार का था जहाँ मौका था जब अमेरिकन हर्ट एसोशियेशन की टीम ने आजमगढ़ के 50 से भी अधिक चिकित्सकों एवं स्वास्थय कर्मियों को अचानक दिल के दौरे से गंभीर हुए मरीजों को बचाने की कला सिखा रही थी।  टीम की मुखिया डॉ० रजनी ने बताया कि अचानक दिल कि धड़कन रुकना किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है और अगर समय रहते ऐसे मरीज को चिकित्सीय सहायता मिल जाये तो उसे बचाया जा सकता है।  आजमगढ़ में इस कार्यक्रम कि संयोजक डॉ० गायत्री कुमारी एवं डॉ० ए० पी० सिंह जी ने हमे बताया कि "आओ जीवन बचाना सीखें" कि अवधारणा के साथ यहाँ बेसिक लाइफ सपोर्ट एवं एडवांस कार्डियक लाइफ सपोर्ट कार्यशाला आयोजित की गयी है जिसमे आजमगढ़ जनपद के चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ दिल का दौरा पड़ने की स्थिति में मरीज को तत्काल राहत पंहुचा सकें।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी ने संयुक्त रूप से किया। जिलाधिकारी महोदय ने आयोजक मंडल को इस आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार कि कार्यशाला सभी डॉक्टर्स व स्वास्थ कर्मियों के लिए बहुत ही आवश्यक हैं इन कार्यशालाओं के माध्यम से उनके आत्मविश्वाश में बढ़ोतरी होती है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय ने कहा कि इन कार्यशालाओं के माध्यम से स्वस्थ भारत कि परिकल्पना साकार हो रही है जिसके लिए लाइफ लाइन हॉस्पिटल कि टीम बधाई के पात्र हैं। सभा का संचालन  रंगकर्मी सुनील विश्वकर्मा ने किया व इस अवसर पर मिथिलेश तिवारी ,महेंद्र गुप्ता, विमलेश यादव व लाइफ लाइन इवेंट मैनेजमेंट टीम के सदस्य उपस्थित रहे। 

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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