आजमगढ़ : तहबरपुर थाना क्षेत्र के जिगनाकरमनपुर गांव स्थित पोखरी में 31 अगस्त को मिले विकलांग युवक की हत्या कर फेके गए लाश के मामले मे पुलिस ने मृतक के भतीजे को ही हिरासत में ले लिया है। घटना के बाबत मृतक की मां ने अपनी बहु और पोते के खिलाफ थाने पर तहरीर दी थी। पुलिस ने आरोपी को उसके ननिहाल से पकड़ा है। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को अपने कार्यालय पर प्रेसवार्ता कर हत्याकांड का खुलासा किया। एसपी ने बताया कि मृतक विजेंद्र यादव की हत्या उसके भतीजे राजेश यादव पुत्र स्व. लौटू यादव बिजली के खंभे से सिर लड़ा कर किया था। इसके बाद शव को पास स्थित पोखरी में फेक दिया था। अगले दिन शव पोखरी में उतराया हुआ मिला। विकलांग युवक का शव मिलने के बाद से राजेश जहां घर से फरार हो चुका था वहीं मृतक की मां श्याम दुलारी देवी पत्नी लुरखुर ने अपनी बड़ी बहु आशा देवी व उसके पुत्र राजेश यादव पर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने जांच पड़ताल में श्यामदुलारी का आरोप सही पाया और मृतक के भतीजे राजेश यादव को उसके ननिहाल निजामाबाद थाना क्षेत्र के मिटठापार गांव से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में राजेश ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि चाचा विजेंद्र विकलांक और बीमार थे। जिनके उपचार के लिए दादी श्यामदुलारी सारी धीरे-धीरे कर सारी जमीन गिरवी रखती जा रही थी। 30 अगस्त को भी उसने अपनी दादी को पड़ोसी के घर रुपये गिनते हुए देखा। उसने अपनी दादी से पूछा तो चाचा के इलाज के लिए पैसा लेने की बात कही। इस पर वह आक्रोशित हो उठा और पैसा व मोबाइल छीनने के बाद बाजार चला गया। रात आठ बजे वह घर लौट रहा था तो रास्ते में विकलांग चाचा मिल गए, जिन्हें देख कर उसे क्रोध आया और उसने उनका सिर पकड़ कर पास गड़े बिजली के खंभे से लड़ा दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद शव पोखरी में फेक कर फरार हो गया। उसने इस हत्याकांड को अकेले ही अंजाम देने की बात बताई है।
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