आजमगढ़: राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का 18 सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कलेक्ट्रेट के सामने स्थित रिक्शा स्टैण्ड पर बुधवार को आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष पीएन सिंह व संचालन गिरीश पाण्डेय ने किया। परिषद द्वारा मुख्यमंत्री को सम्बोधित 18 सूत्री मांग पत्र जिलाधिकारी के प्रतिनिधि उपजिलाधिकारी सदर को सौंपा गया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये गन्ना पर्यवेक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मनोज राय ने कहाकि यह सरकार बिल्कुल संवेदनहीन है एवं कर्मचारी जो सभी कार्यों का क्रियान्वयन करते है उपेक्षा के शिकार है। पटनायक कमेटी की सिफारिशों का लागू न कर सरकार कर्मचारियों के साथ छल कर रही है। वन विभाग के प्रान्तीय अध्यक्ष रामजतन यादव ने कहाकि आउटसोर्सिंग के कारण कर्मचारी हितों पर कुठाराघात एवं धन का अपव्यय हो रहा है। कम्पनियां पूरा पैसा लेती है लेकिन अपने कार्मिकों को नाम मात्र का वेतन देती है। रामचन्द्र यादव प्रान्तीय अध्यक्ष होमियो फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने कहाकि यह सरकार 50 वर्ष अधिवर्षता आयु पर स्क्रीनिंग के नाम पर कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रही है। अधिकारी किसी से भी नाराज होकर एक वर्ष की एसीआर खराब कर अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे रहे। शिवप्रसाद मिश्र वनविभाग ने कहाकि सेवा भर्ती की अधिकतम आयु 40 वर्ष की दृष्टिगत एसीपी 8वर्ष व 24 वर्ष की जाए तथा राज्य कर्मियों को केन्द्र के सामान वेतन व भत्ते अनुमन्य किया जाय। सर्वदेव राम अध्यक्ष लैब टेक्निशियन मेडिकल कालेज ने कहाकि पदोन्नति एवं एमएसपी में उत्तम एसीआर की बाध्यता समाप्त की जाय। राजेन्द्र यादव क्षेत्रीय अध्यक्ष रोडवेज ने कहाकि रोडवेज में संविदा कर्मियों को नियमित करके नियमित भर्तियां की जाय। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद आजमगढ़ के सम्प्रेक्षक श्री मातवर मिश्र ने कहाकि एक समान शैक्षिक व तकनीकि योग्यता वाले सवर्गो को एक समान वेतन व भत्ते अनुमन्य किये जाय। परिषद के उपाध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहाकि सरकार सिर्फ वादा करती है, विभिन्न संवर्गो में तमाम विसंगतियां विद्यमान है। लेकिन अभी तक किसी को भी दूर नहीं किया गया। परिषद के मंत्री श्री सुबाष पाण्डेय ने कहाकि सरकार की कर्मचारियों के प्रति संवेदनहीनता चरम पर है। मुख्यमंत्री के पास वेतन कमेटी के अध्यक्ष श्री पटनायक जी से मिलने तक का भी समय नहीं है। यह सरकार आसानी से कर्मचारियों की मांगों को मानने वाली नही ं है। प्रान्तीय हाईकमान के निर्णय के अनुसार भविष्य में परिणाम आने तक निर्णायक लड़ाई लड़ी जायेगी। परिषद के जिलाध्यक्ष पीएन सिंह ने कहाकि सरकार दिन प्रतिदिन कर्मचारियों हितों पर कुठाराघात कर रही है और एकजुट होकर संघर्ष करना आवश्यक हो गया है। निजीकरण, आउट सोर्सिंग एवं ठेकेदारी द्वारा सरकार धन का अपव्यय किया जा रहा है जबकि उससे कम खर्चें में नियमित कर्मचारी रखे जा सकते है। धरने को यशवन्त सिंह, बेकारू यादव, अशोक श्रीवास्तव, सुजीत कुमार गौड़, रामचन्द्र यादव, ब्रह्मचारी राय, चन्द्रशेखर, गोरख जायसवाल, जीत बहादुर यादव, राजेन्द्र प्रसाद आदि ने भी सम्बोधित किया।
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