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विधिक साक्षरता शिविर :जागरूक होने पर न्याय,सरकारी लाभों को पाया जा सकता है


आजमगढ़: दीन दुखी की सेवा करने, न्याय चला निर्धन के द्वार को सार्थक करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा गांव-गांव साक्षरता शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को तहबरपुर ब्लाक के मेहमौनी गांव में साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि व प्राधिकरण के सचिव चन्द्रशेखर यादव, तहसील विधिक सेवा समिति के सचिव तहसीलदार मनीष कुमार ने संयुक्त रूप से किया। शिविर में ग्रामीणों को बताया गया कि जागरूक होने पर ही न्याय से लेकर सरकारी लाभों का लाभ उठाया जा सकता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव चन्द्रशेखर यादव ने सुलह समझौतों के माध्यम से अपने मुकदमों के निस्तारण के लिए जनता से अपील करते हुए कहा कि सुलह समझौतों से जो मामला हल हो जाता है वह त्वरित व स्थायी होता है जबकि न्यायालयो में जो निर्णय आते है उसमे एक पक्ष विजयी होता है तो दूसरा पक्ष अपील करता है जिसके कारण मुकदमे लम्बित रहते है। सचिव श्री यादव ने आगे कहा कि आज हर चार व्यक्ति में से एक व्यक्ति मुकदमाबाजी के चक्कर में फंसा हैं इसलिए हर व्यक्ति को अपने मामलों को सुलह समझौतें के आधार पर लोक अदालतों में निस्ताण करना चाहिए क्योंकि यहां दोनों पक्षकारें की जीत होती है वाद की हार हो जाती है। उन्होंने कहा कि इसके लिए न्यायालयों में सुलह समझौता केंद्रों की स्थापना किया गया है। मुकदमों के अंदर सुलह समझौता की अगर कोई गुजाइंश हो तो जिला विधिक प्राधिकरण के कार्यालय या तहसील विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय अथवा न्यायालयो में पक्षकार प्रार्थना पत्र दे सकता है जिसमे सुलह समझौता केंद्रों पर भेजकर दोनें पक्षों के बीच सुलह समझौता कराने का कार्य तेजी से किया जा रहा हैं इसमे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को यूपी स्तर पर काफी सफलता मिली हैं।
तहसीलदार मनीष कुमार ने कहा कि ऐसे शिविरों में मुकदमों के निस्तारण की प्रक्रिया के अलावा राज्य स्तरीय योजनाओें को घर-घर पहुचांने के लिए लोगों को विधिक रूप से साक्षर किये जाने का कार्य किया जा रहा है जिससे जुड़कर लाभ उठाये।
शिविर को सम्बोधित करते हुए अधिवक्ता प्रदीप सिंह ने कहा कि पहले गांवों में बुजुर्ग के समक्ष समस्याओ का समाधान हो जाता था जिससे न्याय पालिका पर कम बोझ था आज के समय में न्यायालय पर बहुत ज्यादा बोझ है इसलिए विधिक सेवा प्राधिकरण का गठन किया गया प्राधिकरण के माध्यम से आप प्रार्थना पत्र देकर ही न्याय पा सकते है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव के नेतृत्व में आजमगढ़ में सर्वाधिक मुकदमों को निस्तारित गया है।
धंनजय राय ने कहा कि गांव में शिविर के आयोजन का उद्देश्य है कि हर व्यक्ति की दहलीज पर न्याय उपलब्ध हो मात्र व्यक्ति को जागरूक होकर अपने हकों के बारे में समझना हैं, वाद को समाप्त करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का प्रयास सराहनीय हैं। अध्यक्षीय सम्बोधन में ओमप्रकाश राय ने सभी के प्रति आभार जताया। अंत में अतिथिगण को धनंजय राय व प्रभात, अमित राय, बबलू सिंह, राजेश सिंह, विजय ने स्मृति चिन्ह प्रदान किया।
इस मौके पर ग्राम प्रधान मांडवी राय, भारई चौहान, राजदेव, बहादुर, आशीष राय, मुसाफिर, अमित राय, विजय राय, संजीव सिंह, राजा साहब, विपिन चौहान, संतोष चौहान, शीतला प्रसाद, सुशील राय, अजय राय, राअमवध यादव, अंश राम, डा कमलेश राय, दिनेश, नंदकुमार, रमेश, परमानंद सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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