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जनपद स्तरीय अंत्योदय मेला/प्रदर्शनी का जिलाधिकारी ने किया उद्घाटन


आजमगढ़ 20 सितम्बर 2017 -- शासन के निर्देशानुसार पं0 दीन दयाल उपाध्याय जन्मशती वर्ष के तहत डी0ए0वी0 इण्टर कालेज परिसर में लगे जनपद स्तरीय अंत्योदय मेले एवं प्रदर्शनी का मुख्य अतिथि जिलाधिकारी चन्द्रभूषण सिंह द्वारा  तथा उन्होने वहां लगे विभिन्न विभागों के लगभग 25 स्टालों का विधिवत अवलोकन किया। जिलाधिकारी चन्द्रभूषण सिंह ने पं0 दीन दयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्र्यापण किया तथा दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।  इस अवसर पर जिलाधिकारी ने अपने सम्बोधन में कहा कि पं0 दीन दयाल उपाध्याय एक विचारक अर्थशास्त्री, समाजशास्त्री और पत्रकार थें। उनका जन्म 25 सितम्बर 1916 को नगला चन्द्रभान, मथुरा मंे हुआ था। पं0 दीन दयाल उपाध्याय भारत के उन विचारकों में से थे जिन्होने धरती की सच्चाई पहचान कर सही दिशा-निर्देश दिया। जिस ग्रामीण-प्रधान अर्थव्यवस्था की बात महात्मा गांधी जी ने की। उसी को एक नये और परिष्कृत रूप मे देश के सामने रखने वाले सबसे प्रमुख अर्थिक चिन्तक पं0 दीन दयाल उपाध्याय थे । उन्होने विकेद्रीकृत अर्थव्यवस्था पर जोर दिया था।
जिलाधिकारी ने आगे कहा कि पं0 दीन दयाल उपाध्याय ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्र की भी एक आत्मा होती है। और इस बात पर जोर दिया कि मनुष्य और समाज के सम्बन्ध टुकड़ांे मे नही अपितु एक समग्र चिन्तन होना चाहिए। एकात्मक मानववाद ग्राम प्रधान अर्थव्यवस्था के माध्यम से समाज के अन्तिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के महत्व और उसके विकास का महत्व प्रतिपादित किया। उन्होने प्रत्येक व्यक्ति को काम के सिद्धान्त को मान्यता दी थीं।
मुख्य अतिथि श्री सिंह ने कहा कि पं0 दीन दयाल उपाध्याय ने कहा था कि योजनाएं बनाने से पहले हमे काम के सिद्धान्त को मान्यता देनी पड़ेगी और इसे मान लिया जाय तो योजनाओं की दिशा एवं स्वरूप बदल जायेगे भले ही बेकारी धीरे-धीरे दूर हो। इसका विचार करके उत्पादन एवं साधनों का निश्चय करें। पं0 जी का चिन्तन भारत के मिट्टी से जुड़ा था। उन्होने देश के लिए अपेक्षित, आर्थिक मूल्यों को भारत की संस्कृति से जोड़ा। उन्होने कहा कि पं0 दीन दयाल उपाध्याय ने कहा था देश की दरिद्रता दूर करने के लिए यूरोपीय देशों का अनुकरण करना आवश्यक नही है क्यांेकि नकल से समस्या का समाधान नही होगा। हमें एक स्वतन्त्र भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास करना होगा जो मनुष्य को समग्रता से देखें।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी ने आयोजित तीन दिवसीय प्रर्दशनी की प्रशंसा की तथा कहा कि इस प्रर्दशनी के माध्यम से आमजन को शासन द्वारा संचालित विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता आयेगी और वे इससे लभान्वित होंगे । उन्होने पं0 दीन दयाय उपाध्याय के कृतित्व एवं व्यक्त्वि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे वैचारिक निष्ठा एवं व्यवहारिक कर्मशीलता के अप्रतिम उदाहरण थे । उनके विचार सर्वागीण थे । वे आने वाली अनन्त पीढ़ियों के अनमोल विरासत थे ।
इस अवसर पर अपर जिला सूचना अधिकारी अंजनी कुमार मिश्र ने मुख्य अतिथि सहित उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि शासन के निर्देशानुसार पं0 दीन दयाल उपाध्याय जन्मशती वर्ष के तहत जनपद स्तरीय तीन दिवसीय अन्त्योदय मेला/प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। जिसका उद्घाटन आज जिलाधिकारी चन्द्रभूषण सिंह द्वारा किया गया और प्रदर्शनी का समापन 22 सितम्बर को होगा। उन्होने बताया कि इसके अतिरिक्त ब्लाक स्तरीय तीन दिवसीय अन्त्योदय मेला/प्रदर्शनी जनपद के 21 विकास खंडो में अबतक आयोजित की जा चुकी हैै। अवशेष एक विकास खण्ड जहानागंज में 23 सितम्बर से 25 सितम्बर तक आयोजित की जायेगी। यह सम्पूर्ण कार्यक्रम जिलाधिकारी के कुशल मार्ग निर्देशन में सम्पन्न कराया जा रहा है।
बैठक का संचालन समाजसेवी प्रभुनारायण पाण्डेय उर्फ प्रेमी जी ने किया। इस अवसर पर सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा पंजीकृत सांस्कृति दल मुन्नालाल यादव भोजपुरी लोकगीत पार्टी तथा हरिओम भोजपुरी लोकगीत एवं बिरहा दल द्वारा गीत के माध्यम से शासकीय योजनाओं के बारे में विस्तार से प्रस्तुत किया गया। इसके अतिरिक्त सूचना विभाग द्वारा प्रचार साहित्य का वितरण किया गया। अन्त्योदय मेला/प्रदर्शनी में लगभग हजार की संख्या मंे भीड़ एकत्रित थी तथा सभी ने इस कार्यक्रम की वृहद सराहना की ।
इस अवसर पर जिला पंचायत राज अधिकारी जितेन्द्र कुमार मिश्र, जिला विद्यालय निरीक्षक, उप कृषि निदेशक डा0 आरके मौर्य, जिला खादी ग्रामोउद्योग अधिकारी अर्जुन सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 वीके सिंह, सेवानिवृत्त अपर जिला सूचना अधिकारी राम नयन यादव के अतिरिक्त अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहें।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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