बोंगरिया:आज़मगढ़ : तरवां क्षेत्र के रस्तीपुर गांव में लगातर 18 वॉ वर्ष श्रीकृष्ण की छठी के उत्सव पर थिरकते श्रद्धालुओं की टोलियां, ढ़ोल-मृदंग और मजीरों की धुन और बैंड बाजों पर भगवान श्रीकृष्ण की षष्ठी की बधाई से गांव की गलियां गुंजायमान हो उठी। लीलाधारी की लीलाओं की झांकियां, श्रीकृष्ण के रूप में सजे नन्हें-मुन्नों से पूरा गांव श्याम रंग में रंगा नजर आने लगा था। गांव में जिस रास्ते शोभायात्रा निकली, गांववासियों द्वारा कलाकारों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया तो दूर-दराज गांव के कोने-कोने से आए भक्त यह देख अभिभूत हो उठे। मंच सजा,महफिल सजी तो गीत संगीत के तरानों में गूंज राधा के नाम की भी हुई। गोपी राधा संग श्रीकृष्ण ने रास रचाया तो रविवार की शाम हुए इस रंगारंग आयोजन में मल्लिका व रंजना ने 'जुग.जुग जिये रे ललनवा, गोकुल में पधारे सब देवन,ब्रह्माजी आये विष्णु जी आये.देवन के देव महादेव आये,जैसे गीतों से चार चांद लगा दिए। मौका था भगवान श्रीकृष्ण के षष्ठी के अवसर पर उनके जन्मोंत्सव को यादगार बनाने के लिए हरिनाम संकीर्तन व शोभायात्रा का। शोभायात्रा में भगवान की लीलाओं से जुड़ी अनेक झांकियॉ लोगों को मंत्रमुग्ध कर रही थीं। राधा श्यामसुंदर से आरंभ हुई यात्रा में गांव के बच्चों संग युवा भी शामिल हुए। लीलाओं में चीरहरण लीला, कंस वध लीला, कालीयमर्दन लीला की मनोरम झांकी लोगों को आकर्षित कर रही थी तो श्रीराधा-कृष्ण की झांकी भी खूब लुभा रहीं थी। रात में गांव भ्रमण करते हुए शोभायात्रा श्रीकृष्ण पांडाल में प्रसाद वितरण के साथ समाप्त हुई। यात्रा का शुभारम्भ पूर्व महाप्रधान अरविन्द यादव ने किया। इस अवसर पर लोकई यादव,सुनील यादव, मुन्ना यादव,लालबहादुर,संजय, उत्तम, रमायन यादव आदि लोग उपस्थित रहे।

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