आजमगढ़ : आजमगढ़ से नई दिल्ली आ रही कैफियत एक्सप्रेस मंगलवार देर रात दुर्घटना का शिकार हो गई। देर रात करीब पौने तीन बजे औरैया जिले के पाटा और अछल्दा रेलवे स्टेशन के बीच पटरी पर पलटे एक बालू भरे डंपर से टकरा गयी जिसकी वजह से ट्रेन के 11 डिब्बे पटरी से उतर गए । रेलवे की प्रारंभिक जांच में पता चला कि दुर्घटना के 11 मिनट पहले 2:28 बजे बिना क्रॉसिंग लाइन पार कर रहा डंपर अप लाइन पर अटक गया था। डंपर चालक ने वाहन मालिक को मौके से ही रात 2:30 पर फोन किया कोई जवाब न मिलने पर उसने 100 नंबर पर सूचना दे दी। चूक यह हुई कि उसने रेलवे पुलिस को सूचना नहीं दी। इस गफलत का नतीजा यह हुआ कि ट्रेन हादसा हो गया। इससे 20 मिनट पहले पाता और अछल्दा के बीच इसी ट्रैक से संगम एक्सप्रेस भी गुजरी थी। अब रेलवे का पूरा अमला इसकी पड़ताल में लगा है कि डंपर आखिरकार डेडीकेट फ्रेट कॉरीडोर का काम कराने वाली कंपनी का है या फिर बाहरी। डंपर चालक ने इसकी सूचना रेलवे को दे दी होती तो शायद हादसा टल जाता। वैसे कैफियत एक्सप्रेस कानपुर सेंट्रल से रात लगभग 1:20 बजे चली थी और 79 मिनट बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि कानपुर से लगभग दो घंटे विलंब से निकली संगम एक्सप्रेस पाता और अछल्दा के बीच दुर्घटनास्थल से 2:19 बजे गुजर गई। रेलवे रिकॉर्ड के मुताबिक संगम एक्सप्रेस पाता स्टेशन से 2:14 बजे पास हुई थी। मौके पर पहुंचे मंडल रेल प्रबंधक एसके पंकज ने पाता स्टेशन मास्टर से लेकर केबिन मैन से भी पूछताछ की। हालांकि इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई कि डंपर चालक ने सूचना दी थी या नहीं। ट्रैक बिछाने वाली डीएसटी कंपनी के अफसरों से बात के बाद पता चला कि डंपर उनकी कंपनी का नहीं है। अब रेलवे की जांच एजेंसी डंपर मालिक का पता लगाने में जुटी है। डंपर पर पीले रंग की नंबर प्लेट पर एचआर-63 बी-9175 नंबर अंकित है। एनसीआर के सीपीआरओ जीके बंसल ने बताया कि डंपर चालक गैरकानूनी तरीके से ट्रैक को पार कर रहा था। दुर्घटनाग्रस्त हुई कैफियत एक्सप्रेस (12225) थ्रू सिगनल की वजह से 110 की स्पीड से दौड़ रही थी। पाता स्टेशन से गुजरने के बाद दुर्घटनास्थल से लगभग 54 मीटर पहले कैफियत के चालक सुरेश चौहान और सहायक चालक एचआर मीणा को आगे ट्रैक पर कोई भारी चीज पलटी दिखी तो चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया। फुल स्पीड में ट्रेन होने की वजह से उसकी गति 3 किलोमीटर ही घट पाई और ट्रेन 107 किमी. की स्पीड से डंपर से टकरा गई। भीषण टक्कर से डंपर के परखचे उड़ गए। रेल इंजन और उससे लगी एक जनरल बोगी पलट गई जबकि 11 डिब्बे बेपटरी हो गए। जांच को पहुंची रेलवे टीम को पता चला कि कैफियत का स्टॉपेज कानपुर से चलने के बाद इटावा में भी नहीं है। इस कारण वह थ्रू जा रही थी क्योंकि आगे का ट्रैक क्लीयर था। फुल स्पीड और रात होने की वजह चालक को ट्रैक पर पड़े डंपर पर थोड़ा पहले ही निगाह पड़ी तो उसने इमरजेंसी ब्रेक लगाया। दूरी कम होने से ट्रेन 107 किमी. की गति से डंपर से टकरा गई।
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