आजमगढ़ :बढ़ाव के बाद दो दिन से घाघरा का जलस्तर तेजी के साथ घटता जा रहा है। वहीं कटान में तेजी आ जाने से देवरांचल के लोगों में दहशत व्याप्त है। देवरांचल के साठ गांव अभी भी बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। बाढ़ से प्रभावित विस्थापित बंधे व स्कूलों पर शरण लिए हुए हैं। डिघिया गेज पर सोमवार को घाघरा का जलस्तर जहां 71.88 मीटर था। वहीं मंगलवार की शाम को 71.45 मीटर पर रिकार्ड किया गया। इस प्रकार से चौबीस घंटे पर डिघिया गेज पर 43 सेमी जलस्तर में घटाव दर्ज किया गया। इसी प्रकार से बदरहुआ गेज पर सोमवार की शाम को जहां जलस्तर 72.81 मीटर पर था, वहीं मंगलवार की शाम को 72.35 पर पहुंच गया। इस प्रकार से बदरहुआ गेज पर चौबीस घंटे में 46 सेमी जलस्तर घट गया। इस प्रकार से दो दिनों से लगातार घाघरा के जलस्तर में तेजी के साथ घटाव होने से कटान में भी तेजी आ गयी है। अब तक ढाई सौ बीघा से ज्यादा खेती योग्य भूमि कट चुकी है। साठ से अधिक गांव अभी भी घाघरा के बाढ़ से घिरे हुए हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग बंधे व स्कूलों पर शरण लिए हुए हैं। जिससे उनके बीच दुश्वारियां भी बढ़ती जा रही हैं। हरैया व महराजगंज ब्लाक के 105 गांव बाढ़ से प्रभावित है। जिसके चलते 1 लाख 10 हजार की आबादी बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। प्रशासन बाढ़ विस्थापितों को जरूरी सामान देने कि बात तो कर रहा है, लेकिन हकीकत इससे परे है। जहां लोगों के खाने व दैनिक सामानों के लाले पड़ गए हैं, वहीं पशुओं के लिए चारे का भी संकट उत्पन्न हो गया है। पर्याप्त राहत सामग्री न मिलने से लोग परेशान दिखाई दे रहे हैं। प्रशासन की उदासीनता को लेकर कभी भी बाढ़ प्रभावित लोगों का गुस्सा फूट सकता है।
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