आज़मगढ़ 23 अगस्त -- मण्डलायुक्त के.रविन्द्र नायक ने बुधवार को तहसील सगड़ी के अन्तर्गत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया तथा बाढ़ चौकी सहदेवगंज ढाला एवं औघड़गंज का निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेने के साथ ही उपस्थित क्षेत्रवासियों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने राहत सामग्री वितरण केन्द्र रामपलट ढाला आईमा पर वितरण व्यवस्था का भी जायज़ा लिया। उन्होंने सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाय, इसमें किसी प्रकार की सुस्ती नहीं होनी चाहिए। मण्डलायुक्त श्री नायक ने बाढ़ चैकियों पर पर लोगों से पशुओं के टीकाकरण, चारा उपलब्धता जानकारी ली, जिस पर क्षेत्रवासियों द्वारा अवगत कराया गया कि कुछ गांवों में ही पशुओं के खुरपका मुंहपका के टीके लगाये गये हैं। इस पर उन्होनंे मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि बाढ़ का पानी तेजी से घटाव की ओर है, इसलिए दो दिन के अन्दर पशुओं के टीकाकरण हेतु गांवों में कैम्प लगायें। उन्होनें कहा कैम्प लगाने के से पहले गांवों में इसका व्यापक प्रचार प्रसार करेें ताकि कोई भी पशु टीकाकरण से वंचित न रहने पाये। मण्डलायुक्त श्री नायक ने कहा कि बाढ़ के घटने के साथ ही मनुष्यों में भी संक्रामक रोगों के तेजी से फैलने की आशंका रहती है। इस सम्बन्ध में उन्होने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि नालियों में दवाओं का छिड़काव तथा क्षेत्र में फागिंग की व्यवस्था तत्काल सुनिश्ति की जाय। मण्डलायुक्त ने कहा कि अनटाइड फण्ड से तत्काल दवायें क्रय कर छिड़काव करने तथा टीम बनाकर गावों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित की जाय। इसके साथ ही उन्होने क्षेत्रवासियों से भी सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि यदि पशुओं के टीकाकरण, नालियों में दवाओं का छिड़काव, फागिंग बच्चों के टीकाकरण आदि कार्य एक सप्ताह में पूरा नहीं किया जाता है तो इस सम्बन्ध में वस्तुस्थिति से अवगत करायें ताकि सम्बन्धित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जा सके। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह से कहा कि बाढ़ चैकियों में पर जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गयी है उनकी उपस्थिति तथा बाढ़ चैकियों पर उपलब्ध सुविधाओं की लगातार निगरानी कराई जाय। मण्डलायुक्त ने क्षेत्रवासियों से जानकारी चाही कि बाढ़ के दौरान साॅंप काटने पर उपचार स्वरूप क्या विधि अपनाई जाती है। इस पर लागों के अवगत कराया कि ऐसी घटना होने पर प्रायः झाड़ फूंक का ही सहारा लिया जाता है। इस पर मण्डलायुक्त ने कहा कि सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर साॅंप काटने का इंजेक्शन उपलब्ध है। यदि इस प्रकार की कोई घटना हो जाय तो झाड़फूॅंक के चक्कर में न पड़ें बल्कि पीड़ित को तुरन्त नजदीकी सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर ले जायें। मण्डलायुक्त द्वारा क्षेत्र में शौचालय निर्माण की जानकारी करने पर अवगत कराया गया कि गांव में कोई शौचालय का निर्माण अब तक नहीं हुआ है। क्षेत्र के सभी महिला पुरुष खुले में शौच करते हैं। इस पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को खुले में शौच से होने वाली गंभीर बीमारियों के बारे में अवगत कराया तथा उपस्थित एडीओ पंचायत को निर्देशित किया कि बाढ़ समाप्ति के उपरान्त गांव में कम से कम दो शौचालय निर्माण कराकर गांववासियों को दिखायें तथा शौचालय निर्माण हेतु लोगों को प्रेरित करें। बाढ़ प्रभावित लोगों के बताया कि बाढ़ के दौरान रात्रि में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर सर्पदंश का खतरा अधिक रहता है, इसलिए यथोचित स्थानों पर सोलर लाइट की व्यवस्था किया जाना उचित होगा। मण्डलायुक्त श्री नायक ने इस पर सहमति व्यक्त करते हुए मुख्य विकास अधिकारी को इस सम्बन्ध में तत्काल कार्यवाही प्रारम्भ करने का निर्देश दिया। इस दौरान मण्डलायुक्त ने बाढ़ प्रभावितों में राहत सामग्री वितरण केन्द्र रामपलट ढाला आईमा का भी निरीक्षण किया, जहाॅं उपस्थित आपूर्ति निरीक्षक द्वारा अवगत कराया गया कि वितरण का कार्य शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराया जा रहा है। श्री नायक ने उपस्थित लाभार्थियों से कहा कि यदि सामग्री वितरण में कोई अनियमितता होती है तो उच्च अधिकारियों को अवश्य अवगत करायें। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) बीके गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एसके तिवारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. वीके सिंह, उपजिलाधिकारी सगड़ी रवि रंजन, जिला पंचायत सदस्य जीत बहादुर सहित अन्य अधिकारी तथा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि उपस्थि थे।
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