आजमगढ़: कप्तानगंज थाने में दर्ज गैरइरादतन हत्या के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुधवार सुबह साढ़े दस बजे कंधरापुर थाना क्षेत्र के किशुनदासपुर गांव के ग्रामीणों ने शहर से सटे भवरनाथ चौराहे पर जाम लगा दिया।
आजमगढ़-गोरखपुर, फैजाबाद, वाराणसी मार्ग जाम होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम में कई एबुलेंस और स्कूली वाहन भी फंसे थे। जाम खुलवाने के चक्कर में पुलिस ने लाठी भांजी तो ग्रामीण भड़क उठे और उन्होंने पथराव कर दिया। पुलिस के लाठीचार्ज से कई ग्रामीण घायल हो गए। वहीं पत्थर लगने से दो इंस्पेक्टर और दो सिपाही भी घायल हो गए। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। बता दें कि किशुनदासपुर गांव निवासी रम्पू (32) पुत्र छोटई की 18 अगस्त को कप्तानगंज थाना क्षेत्र के खलीफतपुर गांव निवासी गोवर्धन मौर्य के घर बिजली की मरम्मत करते समय करंट लगने से मौत हो गई थी।
रम्पू के भाई रिंकू ने गोवर्धन के विरुद्ध कप्तानगंज थाने में लापरवाही का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि यदि गोवर्धन आदि उसके भाई को समय पर अस्पताल ले गए होते तो उसकी जान बच सकती थी। केस दर्ज होने के बाद भी कप्तानगंज थाने की पुलिस ने गोवर्धन को गिरफ्तार नहीं किया। बुधवार को किसुनदासपुर के ग्रामीणों के साथ परिजनों ने आरोपी गोवर्धन के गिरफ्तारी की मांग को लेकर कंधरापुर थाने के भवरनाथ चौराहे पर जाम लगा दिया।
जाम की खबर पाकर कंधरापुर, शहर कोतवाली, तहबरपुर, कप्तानगंज थाने की पुलिस के साथ ही सीओ सिटी व एसडीएम सदर भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने जब बताया कि आरोपी गोवर्धन आज सुबह ही गिरफ्तार हो चुका है तो ग्रामीण उसे मौके पर लाने की मांग करने लगे। जिस पर पुलिस ने असमर्थता जतायी।
सीओ का कहना है कि दोपहर लगभग बारह बजे मरीज को लेकर आ रही एंबुलेस भी जाम में फंस गई। पुलिस ने जाम में फंसे एंबुलेस को निकलवाने के लिए जब भीड़ को हटाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पथराव होते ही पुलिस ने लाठी भांजते हुए ग्रामीणों को खदेड़ दिया। पुलिस व ग्रामीणों के बीच हुए संघर्ष में कंधरापुर थानाध्यक्ष अखिलेश सिंह समेत छह लोग घायल हो गए। संघर्ष के चलते मुख्य मार्ग पर करीब आधे घंटा तक अफरा तफरी की स्थिति बनी हुई थी।
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