.

घरेलू एवं पावरलूम कनेक्शन को 10 दिन में अलग करें: प्रमुख सचिव उर्जा

पावरलूम कनेक्शन पर घरेलू बिजली का उपयोग करते मिली तो सख्त कारवाई  
आज़मगढ़ 25 अगस्त -- प्रदेश के प्रमुख सचिव, उर्जा आलोक कुमार ने शुक्रवार को मण्डलायुक्त कार्यालय के सभागार में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लि. आज़मगढ़ परिक्षेत्र के तत्वाधान में आयोजित राजस्व वृद्धि एवं विद्युत आपूर्ति सुधार विषयक कार्यशाला को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुए कहा कि शासन द्वारा बुनकरों को विद्युत सब्सिडी केवल पावरलूम के कनेक्शन पर दी गयी है, जिसे किसी भी दशा में घरेलू उपयोग में नहीं लाया जा सकता है। उन्होने सभी अधिशासी अभियन्ताओं को निर्देशित किया कि अभियान चलाकर जगह-जगह कैम्प लगाएं , उन्होंने आगाह किया कि यदि निर्धारित अवधि के बाद पावरलूम के कनेक्शन पर घरेलू बिजली का उपयोग करते पाया गया तो सम्बन्धित के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी। प्रमुख सचिव उर्जा ने विद्युत आपूर्ति सुधार के सम्बन्ध में कहा कि ब्रेकडाउन अटेण्ड में कार्यवाही तत्पर्ता से की जाये। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में समान रूप से आवश्यकतानुसार ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाने तथा बड़ी क्षमता के ट्रांसफार्मर भी स्थापित किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह तभी सम्भव है जब विद्युत वसूली बिलो के अनुसार की जायेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि जो भी कामर्शियल कनेक्शन हैं उनकी बिलें नियमित रूप से उपभोगताअइों को उपलब्ध करायें तथा उनसे वसूली भी शतप्रतिशत सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि लगातार मानीटरिंग की जाये तथा अवैध कनेक्शन धारियों से वसूली करते हुए उनके कनेक्शन को नियमित करें एवं मीटर भी लगायें। उन्होंने जनपद आज़मगढ़ एवं मऊ में मीटर लगाने की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि इसमें तेज़ी लाये ताकि प्राप्त उर्जा के सापेक्ष वसूली का सही-सही आकलन किया जा सके। उन्होंने कहा कि राजस्व वृद्धि बढ़ाने हेतु उपभोक्ता वृद्धि, बिलिंग बढ़ाने तथा विद्युत सब स्टेशनों से कन्ज्यूमर टैगिंग एवं अधिक संख्या में कलेक्शन सेण्टर स्थापित करने की आवश्यकता पर विशेष जा़ेर दिया। उन्होंने कहा कि बकाया विद्युत बिल में तेज़ी लायें तथा कम से कम 50 प्रतिशत से अधिक वसूली के उपरान्त ही नये ट्रांसफार्मर लगाये जायें।
मण्डलायुक्त के. रविन्द्र नायक ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि विद्युत चोरी रोकने हेतु अभियान चलाया जाये तथा इसमें आवश्यकतानुसार एफआईआर भी दर्ज कराई जाये। री नायक ने कहा कि प्रायः एक ही स्थान पर बार-बार ट्रांसफार्मर खराब होन की शिकायतें मिलती हैं जिसका मुख्य कारण विद्युत चोरी भी हो सकता है, इस लिये ऐसे स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाये तथा अवैध कनेक्शनों को प्राथमिकता से हटाया जाये। उन्होंने कहा कि नये ट्रांसफार्मरों के स्थापना हेतु जो भूमि चाहिये उससे अवगत करायें। मण्डलायुक्त ने भी राजस्व वृद्धि हेतु नये कनेक्शन देने, बकाया वसूली हेतु कैम्प लगाये जाने की आवश्यकता पर जोर दिया तथा विद्युत चोरी करने वालों को चिन्हित कर उनपर सतर्क नज़र रखने का निर्देश दिया।
इससे पूर्व पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लि. के प्रबन्ध निदेशक अतुल निगम, टेक्निकल डायरेक्टर एसके भारती, कामर्शियल डायरेक्टर मोहित आर्या, निदेशक पूविविनि एके कोहली आदि ने पुष्पगुच्छ देकर मुख्य अतिथि का स्वागत किया। इस अवसर पर डीआईजी उदयशकर जायसवाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिशेक सिंह, मुख्य अभियन्ता विद्युत संतोष कुमार तिवारी, अधीक्षण अभियन्ता वर्कशाप प्रदीप कक्कड़, आज़मगढ़, मऊ एवं बलिया के अधीक्षण अभियन्ता क्रमशः डीके सिंह, एसएस प्रसाद एवं एके मिश्रा सहित अन्य समस्त विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

Share on Google Plus

रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

आजमगढ़ लाइव-जीवंत खबरों का आइना ... आजमगढ़ , मऊ , बलिया की ताज़ा ख़बरें।
    Blogger Comment
    Facebook Comment