आजमगढ़ : परिषदीय विद्यालयों में नियुक्त फर्जी शिक्षकों में से दो फर्जी सहायक अध्यापकों के खिलाफ अब तक पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है । जबकि अन्य तीन फर्जी शिक्षकों के खिलाफ अभी तक खंड शिक्षा अधिकारियों ने संबंधित थाने में तहरीर ही नहीं दिया है।
जिले में पिछले वर्ष 15 हजार और 16448 शिक्षकों की भर्ती में फर्जी अंकपत्र पत्र के सहारे नौकरी कर रह रहे सौ से अधिक शिक्षकों को चिन्हित किया गया है। इसमें से पांच शिक्षकों के फर्जी होने की जांच में पुष्टि हो पाई है। इन शिक्षकों में सठियांव ब्लाक के असाउर प्राथमिक विद्यालय पर प्रभाकर मिश्रा, बलुआ प्राथमिक विद्यालय पर छोटेलाल, जहानागंज ब्लाक के बरही प्राथमिक विद्यालय पर शिवमुनी यादव, तहबरपुर ब्लाक के बड़सरा खालसा प्राथमिक विद्यालय पर उषा यादव और महराजगंज ब्लाक के बांसगांव प्राथमिक विद्यालय पर रमेश सहायक अध्यापक के रूप में तैनात हैं।
जिलाधिकारी के आदेश के बाद भी एफआईआर दर्ज न कराए जाने पर पिछले दिनों सीडीओ अभिषेक सिंह ने नाराजगी जताई थी। तब कहीं जाकर खंड शिक्षा अधिकारियों ने फर्जी शिक्षकों के खिलाफ 15 अगस्त को संबंधित थानों में तहरीर देने की कवायद शुरू की थी।
मुबारकपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि फर्जी नियुक्ति के आरोप में शुक्रवार की शाम को खंड शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर सहायक अध्यापक सिधारी थाने के जमालपुर गांव निवासी प्रभाकर मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जबकि एक अन्य फर्जी शिक्षक के खिलाफ अभी तहरीर नहीं दी गई है। इधर जहानागंज थाने की पुलिस ने सप्ताह भर पूर्व ही फर्जी शिक्षक शिवमुनी यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। जबकि तहबरपुर थाना प्रभारी धमेंद्र यादव ने बताया कि उषा यादव के खिलाफ खंड शिक्षा अधिकारी जांच रिपोर्ट लेकर आए थे। उनसे तहरीर लेकर आने के लिए कहा गया,मगर अभी तक तहरीर नहीं दिया।
वहीं महराजगंज थानाध्यक्ष ने भी बताया कि फर्जी शिक्षक रमेश के खिलाफ अभी तक खंड शिक्षा अधिकारी ने तहरीर नहीं दी है।
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