आजमगढ़ : जांच में मिली अनियमितता व घटतौली के मामले में दोषी पाए जाने पर शासन के निर्देश पर शहर के रोडवेज स्थित पेट्रोल पंप शंकर फाइलिंग स्टेशन व कंधरापुर थाने के पेट्रोल पंप भंवरनाथ फ्यूल सेंटर का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। इस मामले में जिला पूर्ति अधिकारी देवमणि मिश्रा ने शहर कोतवाली व कंधरापुर थाने में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है। शासन की इस कार्रवाई से पेट्रोल पंप मालिकों में हड़कंप व्याप्त है। शासन के निर्देश पर डीजल व पेट्रोल पंप पर छापेमारी के लिए आठ सदस्यीय टीम गठित की गई थी। टीम में तत्कालीन उपजिलाधिकारी सदर अभय कुमार मिश्रा, तत्कालीन जिला पूर्ति अधिकारी गौरीशंकर शुक्ला, क्षेत्राधिकारी सदर शिवनाथ गुप्ता, पूर्ति निरीक्षक जयप्रकाश पांडेय सहित डिप्टी सेल मैनेजर, सर्विस इंजीनियर बारको कंपनी के इंजीनियर शामिल थे। बीते 03 मई को टीम ने रोडवेज व भंवरनाथ स्थित पेट्रोल पंप पर आकस्मिक छापेमारी की थी। इस छापेमारी पर दोनों पेट्रोल पंपों पर तमाम अनियमितताएं पाई गईं। पेट्रोल पंप की डिस्पेंसिंग यूनिट में लगे पल्सर कार्ड में सोल्डरिंग मेड कों कंपनी के अनुसार नहीं पाया गया। डिस्पेंसिंग यूनिट दस वर्ष से अधिक पुरानी पाई गई। डिस्पेंसिंग यूनिट टैंपरिंग व चिप लगाने के साक्ष्य पाए गए। इसकी वजह से दोनों पेट्रोल पंपों की डिसप[डिस्पेंसिंग यूनिट मौके पर ही टीम ने सील कर दी थी। इसके बाद टीम ने शासन को इसकी रिपोर्ट भेजी थी। शासन के निर्देश पर अनियमितता में दोनों पेट्रोल पंप की डीलरशिप निरस्त कर दी गई है। इस मामले में दोनों पेट्रोल पंप की प्रोपराइटर वैजंती साव पत्नी शंकर साव, भंवरनाथ के मैनेजर पारानापुर निवासी संतोष कुमार, रोडवेज के मैनेजर पारानापुर निवासी यशवंत उपाध्याय के खिलाफ शहर कोतवाली व कंधरापुर थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
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