देवगांव/फू लुपुर: आजमगढ़ : वर्षा ऋतु के आगमन के साथ ही किसानों के चेहरे पूरी तरह खिल गए हैं। जहां सड़कों पर पूरी तरह कीचड़ का साम्राज्य देखा जा सकता है वहीं किसान फावड़ा उठाए अपने खेतों की तरफ जाते हुए देखा जा सकता है। हर्ष इस बात का है कि समय से उसे पानी मिल गया तथा उसकी खेती किसानी आसानी पूर्वक हो जाएगी और धान की नर्सरी तैयार करने में उसे आसानी होगी। भरपूर रोपाई तो अभी नहीं हो पा रही है क्योंकि नर्सरी अभी छोटी है किंतु जिनकी नर्सरी तैयार है। वह इसे खेत मे हर्ष के साथ रोप रहे हैं। इसी के साथ जिनकी नर्सरी तैयार नहीं है वह खेत तैयार करने में अर्थात मेड़ बंदी आदि करने मे पूरी तरह मग्न है। यद्यपि अभी रोपाई गीत पूरी तरह नहीं सुने जा पा रहे हैं किंतु फिर भी किसानों के चेहरे पर प्रसन्नता की झलक अवश्य देखी जा सकती है क्योंकि समय से मौसम मेहरबान है।
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