.

प्रेमिका का विकलांग प्रमाण पत्र नहीं बनाया तो डॉक्टर से मांगी थी डॉन के नाम से रंगदारी

आजमगढ़: एक युवक इसलिए डान बन गया क्‍योंकि चिकित्‍सक ने उसकी गर्ल फ्रैंड का विकलांग प्रमाण पत्र बनाने से इनकार कर दिया। चिकित्‍सक से नाराज युवक ने मंडल अस्‍पताल के एसआईसी को फोन कर माफिया कुंटू सिंह के नाम पर 20 लाख की रंगदारी मांग ली। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसने जब ममाले का खुलासा किया तो पुलिस के भी होश उड़ गए। बता दें कि मंडल अस्‍पताल में तैनात प्रमुख चिकित्‍सा अधीक्षक जीएल केसरवानी को फोन कर 15 मई को जेल में बंद माफिया कुंटू सिंह के नाम पर 20 लाख की फिरौती मांगी थी। इस ममाले में एसआईसी ने कुंटू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन जेल में पेशी पर आये कुंटू सिंह किसी तरह की रंगदारी मांगने से मुकर गये थे और पुलिस से ममाले की जांच कराने की मांग की थी। वहीं पुलिस अभियोग पंजीकृत करने के बाद से ही ममाले की जांच में जुटी हुई थी। इसी बीच प्रभारी निरीक्षक कोतवाली को बुधवार को एक संदिग्‍ध के रोडवेज पर होने की जानकारी मिली। पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम नवीन कुमार राय पुत्र वेदप्रकाश राय निवासी तरौका थाना- जीयनपुर का निवासी बताया। आरोपी ने स्‍वीकार किया कि उसने फर्जी सिम खरीदकर 15 मई 2017 को डाक्टर जीएल केसरवानी प्रमुख चिकित्‍सा अधीक्षक मंडल चिकित्सालय से 20 लाख की फिरौती मांगी थी। आरोपी ने बताया कि वह दो बार अपनी प्रेमिका का विकलांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए मंडल अस्‍पताल गया। कर्मचरियों ने नहीं बनाया तो उसने जीएल केशरवानी से शिकायत की लेकिन उन्‍होंने कार्रवाई के बजाय उसे ही अपशब्‍द कहे। इसके बाद उसने बदला लेने और भारी रकम हासिल करने की नियत से फर्जी सिम से फोन कर खुद को कुंटू सिंह बताते हुए 20 लाख रूपये फिरौती मांगी। आरोपी ने वह सिम भी पुलिस को दे दिया है जिससे उसने फोन किया था। आरोपी को जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक अजय साहनी ने बताया कि आरोपी भी मेडिकल पेशे से जुड़ा हुआ है। वह स्‍वरूप रानी मेडिकल कालेज इलाहाबाद में पुरूष नर्स की ट्रेनिंग कर रहा है।   

Share on Google Plus

रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

आजमगढ़ लाइव-जीवंत खबरों का आइना ... आजमगढ़ , मऊ , बलिया की ताज़ा ख़बरें।
    Blogger Comment
    Facebook Comment