आजमगढ़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आजमगढ़ आगमन की पूर्व संध्या पर बुधवार को नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी दिनेश विश्वकर्मा ने कोतवाली के निकट स्थित वाराणसी से प्रकाशित एक अखबार के कार्यालय पर तोड़-फोड़ करायी तथा कर्मचारियों के साथ अभद्रता की । नगर पालिका परिषद की यह कार्यवाही अचानक हुई जिससे अखबार दफ्तर को बचाया नही जा सका। अतिक्रमण हटाने के नाम पर पालिका कर्मियों ने ठेले गुमटी वालों को भी नही बख्सा और उनके ठेले गुमतियों को नष्ट कर दिया जिसे वे किसी प्रकार से पुन: प्रयोग में नही ला सके । यही नही जबकि पास में अतिक्रमण कर बनायी गये भवन को पालिका परिषद ने हाथ तक नहीं लगाया । जिला लोगों की दुकाने प्रतिष्ठान तोड़े गये उन्हें पालिका द्वारा अतिक्रमण किये जाने की कोई नोटिस भी नहीं दी गयी । उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगाहों में चमकदार सुन्दर नगर दिखाने की जुगत में पूरा प्रशासन लगा हुआ हे । यह चकम दमक उन्हीं मार्गो पर किया जा रहा है जिन मार्गाे से उनके गुजरने की संभावनाएं है बाकी पूरे शहर का हाल सभी जानते हैं । अपने दौरों में मुख्यमंत्री प्रायः पुलिस कार्यालय कोतवाली ,चिकित्सालय आदि निरीक्षण पर बल देते है इसी के मद्देनजर नगर की सड़कें चमकाई जा रही है जबकि एस.पी.कार्यालय गॉधी पार्क ,डी.ए.वी.कालेज कालीचौरा एलवल कालीनगंज,मार्ग से जिला चिकित्सालय तक का भ्रमण मुख्यमंत्री करें तो सारी चमक दमक की पोल खुल जायेगी। टूटी फूटी गढ्ढेदार सड़कें और गंदगी भरी गलियां व नाले स्पष्ट दिखायी दे जायेगें । एक अरब रूपये से होने वाली अण्डर ग्राउण्ड वायरिगं के तार सड़को पर बिखरे दिखायी दे जायेगी। नगर पालिका परिषद भरस्टाचार में आकष्ट डूबा हुआ है परिणामत: सरकारी धन की लूट में ही अधिशासी अधिकारी व्यस्त है उन्हें नागरिक सुविधाओं से कुछ भी नही लेना देना है जहॉ से न अवैध वसूली की संभावना नहीं होती वहीं पर नपा का बुल्डोजर चलता है और गरीबों व कमजोर तबकों को इस की मार झेलनी पड़ रही है और योगी सरकार के प्रति आम जनता में विद्वेष फैलता हेै। अखबार का कार्यालय संचालक एवं आस पास के किसी भी अस्थायी तौर से प्रतिष्ठान चलाने वाले लोगों का कहना है कि नगर पालिका परिषद ने किसी को भी यह नोटिस नहीं दी थी कि उन्होंने अतिक्रमण किया है और अतिक्रमण हटा लिया जाय। अनेक बुद्धिजीवियोें व पत्रकारों ने एक स्वर से नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी दिनेश विश्वकर्मा की इस कार्यवाही की आलोचना की । नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी की इस अन्याया पूर्ण कार्यवाही से लाखोें रूपये की क्षति हुई है आखिर पीड़ित लोगों को न्याय क्या योगी सरकार में मिल सकेगा? इस कार्यवाही से आक्रोशित पत्रकारों ने एसपी और जिला अधिकारी से मिल कर आक्रोश व्यक्त किया। जहाँ से उचित कार्यवाही का आश्वासन मिला है।
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