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समीक्षा: पुलिस को खुली छूट देने के बाद भी अपराध बढ़ना चिंताजनक -मुख्यमंत्री

आजमगढ़ 25 मई 2017 --- मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ द्वारा आजमगढ़ मण्डल के विकास कार्यो एवं कानून व्यवस्था की मण्डलीय समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा सर्वप्रथम जनप्रतिनिधियों, विधायकों, जिलाध्यक्षों के साथ बैठक की गयी इसके पश्चात उन्होने आजमगढ़ शहर स्थित महिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया, निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने के साथ-साथ परिसर में सफाई-व्यवस्था बेहतर करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के पश्चात मुख्यमंत्री द्वारा विकास व कानून व्यवस्था के सम्बन्ध मंे मण्डलीय अधिकारियों के साथ बैठक की गयी। इस दौरान उन्होने कानून व्यवस्था, स्वच्छता, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, शिक्षा, चिकित्सा, आपदा/बाढ़, नमामि गंगे, डायल 100, महिला सुरक्षा आदि की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होने कहा कि पुलिस व प्रशासन को कार्यवाही हेतु खुली छूट देने के बावजूद भी अपराधिक गतिविधियां घटित होना चिन्ता का विषय है, इसके लिए प्रभावी अंकुश लाने की सख्त आवश्यकता है। महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था के सम्बन्ध में उन्होने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों पर सख्त कार्यवाही करें तथा यदि इसमें कोई लापरवाही पायी जाती है तो सम्बन्धित विभागीय अधिकारी/कर्मचारी जिम्मेदार होगें। डायल 100 के सम्बन्ध मंे उन्होने कहा कि कुछ क्षेत्रों मे डायल 100 गाड़ियों को सवारी ढोने के काम में लाया जा रहा है, जिसके सम्बन्ध में सख्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होेने पुलिस प्रशासन के सम्बन्ध मंे कहा कि पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा थानों का औचक निरीक्षण किया जायेगा तथा बेहतर व्यवस्था लागू करने के लिए जन प्रतिनिधियों, आमजनता तथा पुलिस प्रशासन के मध्य सामंजस्य स्थापित होना चाहिए। जिससे आम जनता को अपनी समस्या सामने रखने मे कोई झिझक नही हो। इसके साथ ही थानों पर मूलभूत आवश्यकताओं यथा बैठने की व्यवस्था, पानी आदि सुनिश्चित कराये जिससे आमजनता में परिर्वतन की लहर देखी जा सकें। उन्होनेे कहा कि यदि जनता व प्रशासन के मध्य समन्वय स्थापित कर लिया जाय तो जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास पैदा होगा। इस प्रकार की व्यवस्था मण्डल, जिला व स्थानीय स्तर पर होनी चाहिए जिसमें अपराधिक तत्वांे पर अंकुश लगा कर स्वच्छ व बेहतर समाज की स्थापना की जा सकें। उन्होने कहा कि सरकार की योजनाओं का मुख्य उद्देश्य आम जनता को बेहतर साधन उपलब्ध कराना है। जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार किया जा सकें। विद्युत आपूर्ति कंे सम्बन्ध मंे उन्होने कहा कि गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों को मुफ्त कनेक्शन बितरण के साथ ही जले हुए ट्रान्सफार्मरों का शहरी क्षेत्र मंे 24 घण्टे व ग्रमाीण क्षेत्रों में 48 घन्टों में बदलवाना सुनिश्चित करें तथा टोल-फ्री नम्बर के लक्ष्य को भी गति प्रदान करें। इसके साथ ही जिस क्षेत्र मंे विद्युत सम्बन्धी कार्य कराये जाने है, उसकी पूर्व सूचना आमजनता को होनी चाहिए। गंेहँू क्रय केन्द्रांे की क्रय सम्बन्धी समीक्षा के दौरान उन्होने कहा कि लक्ष्य को समय से पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए। उन्होने कहा कि प्रदेश में स्वच्छता सम्बन्धी प्रगति अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण है क्यांेकि देश के 100 स्वच्छ शहरों में बनारस ने ही स्थान बनाया है तथा आने वाले समय में ऐसे कदम उठाये जिससे अग्रिम स्वच्छता सूची में प्रदेश के अधिकतम शहर शामिल हो सकें। उन्होने कहा कि जिला मुख्यालय, नगरपालिका, नगर पंचायत आदि सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा निस्तारण की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए तथा इसके लिए विशेष अभियान चलाया जायेगा। पेयजल समीक्षा के दौरान उन्होने कहा कि पेयजल आपूर्ति में प्रयुक्त पाईपों की गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाय तथा आपूर्ति सम्बन्धी व्यवस्थाओं की सूची जन प्रतिनिधियों को भी प्रदान की जाय। इस सम्बन्ध में कोई शिकायत प्राप्त होती है तो सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों पर कार्यवाही होगी, इसके लिए पर्याप्त धन की व्यवस्था है। अतः कार्य की प्रगति में कोई कमी नही आनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने खुले में शौचमुक्ति पर जोर देते हुए कहा कि सफाई राष्ट्रीय अभियान है तथा इसके लिए प्रशासन के साथ-साथ जन प्रतिनिधियों, आमजनता के सहयोग की भी आवश्यकता है। उन्होने कहा कि जिन शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है उनके निर्माण के साथ ही उपयोग में लाना भी आवश्यक है। एक्सप्रेस वे के सम्बन्ध में उन्होने कहा कि जिस किसानों की जमीन दायरें में आ गयी है उनको निर्धारित नियमानुसार तथा निश्चित समय-सीमा के अन्दर भुगतान हो जाना चाहिए। इसमें यदि किसी अधिकारी/कर्मचारी की संलिप्तता पायी जाती है तो उस पर सख्त कार्यवाही की जायेगी। शिक्षा व्यवस्था को की समीक्षा पर उन्होने कहा कि बच्चों के स्कूल में प्रवेश के समय ही उनका आधार कार्ड उनके रजिस्ट्रेशन से जुड़ जाना चाहिए तथा जुलाई के प्रथम सप्ताह में निर्धारित स्कूल ड्रेस, पुस्तक आदि की आपूर्ति आवश्यक रूप से हो जानी चाहिए। उन्होने कहा कि विद्यालयों में अध्यापकों की उपस्थिति के साथ-साथ बच्चों की उपस्थिति पर भी जोर दिया जाय, जिससे ग्रामीण परिवेश में भी शिक्षा का माहौल बनाया जा सकें। उन्होने कहा कि तहसील दिवस को सम्पूर्ण समाधान दिवस के रूप में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे आमजनता को एक ही शिकायत के लिए बार-बार तहसील मुख्यालय के चक्कर न लगाना पड़े तथा तहसील स्तर पर एक सेन्टर बनाये जाने की योजना है जिससे बेहतर व्यवस्था लागू की जा सकें। थाना दिवस के सम्बन्ध मंे उन्होने पुलिस प्रशासन को व्यवहारिक होने के साथ-साथ गरीबों तथा जरूरत मन्द लोगों की त्वरित सहायता करने का निर्देश दिया तथा समस्त अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि भ्रमण के माध्यम से आम जनता की अधिकतम समस्या का मौकें पर निस्तारण करें। उन्होने कहा कि तहसील/थाना दिवसों के अवसर पर प्रतिनिधियों की उपस्थिति से व्यवस्थाओं को अधिक बेहतर बनाया जायेगा। सरकारी कर्मचारियों की कार्यशैली के सम्बन्ध मंे कहा कि किसी सरकारी कर्मचारी से जनता के हित में कोई भी काम लिया जा सकता है। इसमें यदि बहिष्कार किया जाता है तो यह अनुशासनहीनता की श्रेणी में लाया जायेगा। आपदा/बाढ़ की रोकथाम से सम्बन्धित व्यवस्थाओं के सम्बन्ध मंे उन्होने कहा कि जल संचयन की व्यवस्थाओं को बेहतर करें तथा बाढ़ से बचाव के लिए तटबन्धों की मरम्मत व नदी कटान से प्रभावित क्षेत्रों में काटन रोधक कार्य करते हुए सभी आवश्यक कदम उठाये जिससे जन-धन की हानि को रोका जा सकें। नमामि गंगे योजना के सम्बन्ध में उन्होने कहा कि नदियों में कुड़ा व कारखानों का दूषित जल नही जाना चाहिए। ऐसी व्यवस्था से ही स्वच्छ जल की आपूर्ति व पर्यावरण संरक्षण सम्भव हो सकेगा। मा0 मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य आम जनता का विकास करना है तथा समाज में निचले स्तर के नागरिक को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

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रिपोर्ट आज़मगढ़ लाइव

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