आजमगढ़। एक तरफ प्रदेश सरकार गरीबों के उत्थान के लिए एक से बढ़कर एक कदम उठा रही है तो वही बिजली विभाग उसपर पानी फेर रहा है। यदि ऐसा नही होता तो रविवार को बिजली कर्मी भाग खड़े नही होते। वैसे भी इस विभाग में लापरवाही कोई नई बात नही है। जानकारी के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र के पुरानी जेल के पीछे स्थित कांशीराम आवास में रविवार को बिजली विभाग की चेकिंग चल रहा था। कुछ लोगो का बकाया था जिसपर उनकी बिजली काट दी गई। जैसे ही बिजली कटी की लोग बेहाल हो गये और बाहर आये तो पता चला कि कनेक्श्न काट दिया गया। मौके पर पुहंची महिलाआें ने विभाग के कर्मियों से वार्ता किया तो पता चला कि बिल बकाया है। विभाग के लोगो ने कुछ लोगो से मीटर रशीद,बिल रसीद आदि पत्र मांगे तो कुछ लोगो ने तो दे दिया और कुछ लोगो ने बिजली विभाग की लापरवाही के कारण बिल नहीं मिलने का रोना रोया । एक महिला ने बताया कि 4 लाख 63 हजार,कभी सात लाख,कभी दो लाख इस तहर से तो बिल आता है। एक ब्लाक में लगभग 12 कमरा है । वह 12 लोगो का अलग अलग मीटर लगा है। बिल एक ब्लाक के नाम से आती है जिसे 12 लोगो को मिलकर जमा करना है, आखिर यह कैसे जमा होगा जब हर व्यक्ति का मीटर लगा है तो उसकी जितनी बिल आती है उसे जमा कर देते लेकिन एक साथ लाखों की बिल कैसे जमा हो। यहि नही महिलाआें ने बताया कि कभी कभी तो चार चार महिनों का बिल ही नही आता है। रविवार को महिलाआें ने विरोध किया तो विभाग के कर्मी चलत बने। महिलाआें ने कहा कि उच्चाधिकारी इस मामले को संज्ञान में लेकर बिल को दुरूस्त कराये ताकि समय से जमा हो सके। कुछ महिलाआें ने आरोप लगाया कि कर्मचारी बिल के मद में अवैध वसूली करते है और न देने पर बिजली काटने की धमकी देते है। इस सबंध में पूछे जाने पर मुख्य अभियंता पीपी सिंह ने बताया कि यदि ऐसा मामला है तो पूरी तरह से जांच की जायेगी और दोषियों के विरूद्व सख्त कार्रवाई की जायेगी।
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