आईजीआरएस के अन्तर्गत लम्बित प्रकरणों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करें आज़मगढ़ 24 अप्रैल -- मण्डलायुक्त नीलम अहलावत ने विकास कार्यक्रमों से सम्बन्धित शासन के एजेण्डा बिन्दुओं तथा कर एवं करेत्तर राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि गेहॅूं की खरीद में तेजी लाई जाय। उन्होने कहा कि प्रायः क्रय केन्दों के देर से खुलने तथा क्रय केन्द्रों पर बोरे की कमी, किसानों के बैठने हेतु उचित व्यवस्था का अभाव, उपलब्ध सामग्री के अव्यवस्थित रहने तथा उसके समुचित उपयोग न करने आदि की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होने इस सम्बन्ध में आरएफसी को निर्देश दिया कि क्रय केन्द्रों का लगातार निरीक्षण किया जाय तथा गेहूॅं क्रय में लापरवाही एवं उदासीनता बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाय। इसके साथ ही मण्डलायुक्त ने तीनों जनपद के जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिया कि वे स्वयं निरीक्षण करें तथा अपने स्तर से उपजिलाधिकारियों को लगातार क्रय केन्द्रों का निरीक्षण करते रहने की हिदायत दें। उन्होंने कहा कि मण्डल में गेहूॅं खरीद की स्थिति सन्तोषजनक नहीं है, इसलिए इसमें और तेजी लाई जाय तथा शासन के निर्देशानुसार मानक के अनुरूप गेहॅं क्रय करते हुए लक्ष्य को हर हालत में पूरा करना सुनिश्चित किया जाय। मण्डलायुक्त श्रीमती अहलावत ने सोमवार को अपने कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित उक्त समीक्षा बैठक में कहा कि आम आदमी बीमा योजना के अन्तर्गत छात्रवृत्ति वितरण का कार्य भी लक्ष्य से सापेक्ष नहीं है। उन्होने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस माह के अन्त तक सभी पात्र छात्र/छात्राओं को अनिवार्य रूप से छात्रवृत्ति की धनराशि मिल जानी चाहिए। इसी क्रम में उन्होने परिषदीय विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन की प्रगति का जायज़ा लेते हुए कहा कि पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बहुत ही कम है। उन्होने कहा एडी बेसिक को निर्देश दिया कि विद्यालय से अनुपस्थित रहने वाले बच्चों के अभिभावकों से सम्पर्क कर बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने हेतु अपने स्तर से सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित करें। मण्डलायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि बच्चों की उपस्थिति के अनुसार मध्यान्ह भोजन बनाना सुनिश्चित किया जाय। उन्होने आईजीआरएस के अन्तर्गत लम्बित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान कहा कि मण्डल में बड़ी संख्या में प्रकरण लम्बित हैं जिसमें सबसे अधिक लम्बित प्रकरण माध्यमिक शिक्षा से सम्बन्धित हैं। इस सम्बन्ध में उन्होने संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा के साथ ही सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि आईजीआरएस के अन्तर्गत जो भी प्रकरण लम्बित हैं उसमें व्यक्तिगत रूचि लेकर तत्काल निराकरण करना सुनिश्चित करें। मण्डलायुक्त नीलम अहलावत ने मा0उच्च न्यायालय में लम्बित रिट याचिकाओं में प्रतिशपथ पत्र (सीए) दाखिल किये जाने की स्थिति का जायज़ा लेते पाया कि प्रदेश के महाधिवक्ता की वेबसाइट पर बड़ी संख्या में योजित रिट याचिकाओं में प्रतिशपथ पत्र(सीए) दाखिल किया जाना अवशेष है। इस बिन्दु पर उन्होने विभागवार समीक्षा करते हुए समस्त विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने विभाग से सम्बन्धित ऐसी याचिकायें जिनमें अभी सीए दाखिल किया जाना अवशेष है, उनमें तत्काल सीए दाखिल कराते हुए महाधिवक्ता की वेबसाइट पर उसे अनिवार्य रूप से अपडेट करें। मण्डलायुक्त ने स्पष्ट किया कि अपडेट न होने की दशा में उक्त वेबसाइट पर जैसी स्थिति प्रदर्शित होगी वही मान्य होगी। विद्युत विभाग की समीक्षा करते हुए मण्डलायुक्त ने कहा कि इस आशय की प्रायः शिकायतें मिल रही हैं कि शासन के स्पष्ट निर्देश के बावजूद खराब ट्रान्सफार्मर को 72 घण्टे के अन्दर नहीं बदले जा रहे हैं। इस सिलसिले में उन्होंने विद्युत विभाग के मुख्य अभियन्तों को निर्देशित करते हुए कहा कि शिद्दत की पड़ रही गर्मी और गेहॅूं मड़ाई आदि कार्य को देखते हुए रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाय तथा जहाॅं भी ट्रान्सफार्मर खराब होने की सूचना मिले वहाॅं निर्धारित समय सीमा के अन्दर उसे बदलना सुनिश्चित किया जाय। मण्डलायुक्त श्रीमती अहलावत ने राज्य पोषण की प्रगति की समीक्षा करते हुए पाया कि निर्वाचन प्रक्रिया के कारण विगत 2-3 महीने से अधिकारियों द्वारा अपने गोद लिये गये गांव को विज़िट नहीं किया गया। मण्डलायुक्त ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया समाप्त हुए एक माह से अधिक का समय बीत चुका है, इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा अभी तक गांवों में न पहंुचना काफी खेदजनक है। उन्होने सख्त निर्देश दिया कि आगामी बुधवार को वीएचएनडी पर सभी अधिकारी अपने गोद लिये गांव में जायं तथा रिपोर्ट भी उपलब्ध करायें। पीड़ित महिलाओं को रानी लक्ष्मी बाई महिला सम्मान कोष के अन्तर्गत लाभान्वित करने बिन्दु पर समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि तीनों जनपद में कई ऐसे कसेज़ हैं जिनमें एफआईआर हो जाने के बावजूद पीड़ित महिलाओं का मेडिकल नहीं हो पा रहा है तथा जिनका मेडिकल हो जाता है उसकी फीडिंग में भी काफी विलम्ब किया जा रहा है। मण्डलायुक्त ने इस पर सख्त नाराज़गी व्यक्त करते हुए तीनों जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि एफआईआर दर्ज होने के तुरन्त बाद पीड़ित महिला का मेडिकल उसकी फीडिंग की जाय। उन्होने आगाह किया कि भविष्य में इस प्रकार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। उन्होने तीनों जनपद के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि इसकी लगातार समीक्षा करें तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करें। इस अवसर पर जिलाधिकारी आज़मगढ़ पीपी सिंह, जिलाधिकारी बलिया गोविन्द राजू एनएस, जिलाधिकारी मऊ निखिल चन्द्र शुक्ला, अपर आयुक्त (प्रशासन) उमाकान्त त्रिपाठी, संयुक्त विकास आयुक्त हीरालाल, बलिया एवं मऊ के मुख्य विकास अधिकारी क्रमशः आशुतोष कुमार द्विवेदी एवं सन्तोष कुमार, अपर निदेशक,स्वास्थ्य डा. एनएल यादव, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या राजाराम यादव, मुख्य अभियन्ता विद्युत पीपी सिंह, अधीक्षण अभियन्ता लोक निर्माण विभाग जीपी पाण्डेय, संयुक्त आयुक्त उद्योग जयसिंह, संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा रामचेत, डीआरडीए आज़मगढ़ के परियोजना निदेशक एसके पाण्डेय, उप निदेशक पशुपालन डा. यूपी सिंह सहित अन्य मण्डलीय अधिकारी तथा सभी कार्यदायी संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित थे।
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