आजमगढ़: आचार्य चन्द्रबली पाण्डेय स्मृति समिति के तत्वावधान में हिन्दी राष्ट्रभाषा संग्राम के महान सेनानी, अप्रतिम साहित्य आलोचक आचार्य चन्द्रबली पाण्डेय की जयन्ती सोमवार को राहुल नगर स्थित श्री अमरनाथ तिवारी के आवास पर देर सायंकाल मनायी गयी। कार्यक्रम की अध्यक्षता अमरनाथ तिवारी एवं संचालन प्रभुनारायण पाण्डेय प्रेमी ने किया। इस अवसर पर आचार्य चन्द्रबली पाण्डेय जी को श्रद्धांजलि देते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डा. कन्हैया सिंह ने कहा कि वे हिन्दी-सेवा क्षेत्र के दधीचि थे। उनका मूल्यांकन करना आसान नहीं है। डा. गीता सिंह ने कहा कि आचार्य जी जीवन पर्यन्त हिन्दी के लिए संघर्ष किया और हिन्दी के लिए जीये और मरे। रवीन्द्रनाथ त्रिपाठी एडवोकेट ने कहा कि आचार्य जी आजीवन ब्रह्मचारी रहे और सदैव बिना पका हुआ भोजन किया। डा. अखिलेष चन्द्र ने आचार्य जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तृत प्रकाष डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अमरनाथ तिवारी बताया कि हिन्दी साहित्य सम्मेलन के हैदराबाद अधिवेषन में जिस ओजस्वी भाषण में हिन्दी को राष्ट्रभाषा पद की वकालत करते हुए कहा था कि हिन्दी हमारी मर्यादा का प्रश्न है। संचालन करते हुए प्रभुनारायण पाण्डेय प्रेमी ने आचार्य जी को आजमगढ़ का गौरव बताया। इस अवसर पर जनमेजय पाठक, विजयधारी पाण्डेय, निशीथ रंजन तिवारी, शिशिर तिवारी, राजीव रंजन तिवारी आदि प्रमुख लोग उपस्थित थे।
Blogger Comment
Facebook Comment