जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, नयी दिल्ली द्वारा निर्देशित तीन दिवसीय वित्तीय साक्षरता अभियान (विसाका) के दूसरे दिन नकदरहित अर्थव्यवस्थाः चुनौतियां एवं संभावनाएं विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। पोस्टर प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के कुल 41 प्रतिभागियों ने अपनी सृजन क्षमता प्रदर्शित की। इसमें विद्यार्थियों ने वर्तमान भारतीय अर्थव्यवस्था एवं भविष्य का दृश्यात्मक प्रदर्शन बड़े रोचक तरीके से किया। एक तरफ जहां प्रतिभागियों ने विमुद्रीकरण के उपरांत उपजी सामाजिक कठिनाईयों को चित्रित किया वहीं दूसरी तरफ डिजिटल अर्थव्यवस्था एव ंनकदरहित लेन-देन की संभावनाओं को रंगों एवं चित्रों के माध्यम से उकेरा। प्रतिभागियों के पोस्टर में डिजिटल पेमेन्ट, भीम एप, पे-टीएम, कैशलेश भुगतान, आतंकवाद, भ्रष्टाचार पर अंकुश, साइबर चुनौतियां आदि विषयों पर प्रकाश डाला। विकासा अभियान के संयोजक डॉ. अजय द्विवेदी ने प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि नकदरहित अर्थव्यवस्था के लिए हम सबको सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। इस व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए बड़े स्तर पर लोगों को वित्तिय साक्षर बनाना होगा। इस दिशा में बड़े स्तर पर बदलाव के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों की बड़ी भूमिका है। अभियान की सदस्य डॉ. नुपूर तिवारी ने कहा कि डिजिटल भुगतान प्रणाली सरल और पारदर्शी है। इसके कारण समाज में भ्रष्टाचार में कमी आयेगी और कालेधन की समस्या से भी निजात मिलेगा। प्रतियोगिता के निर्णायक मण्डल में डॉ. वन्दना राय, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. एसपी तिवारी, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. आलोक सिंह शामिल रहे। इस अवसर पर डॉ. सुशील कुमार, डॉ. आलोक गुप्ता, डॉ. अवध बिहारी सिंह, डॉ. अंशुमान, डॉ. परमेन्द्र विक्रम सिंह, मो. अबु सलेह समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
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