आजमगढ। योग गुरू स्वामी रामदेव की संस्था के स्थापना दिवस के अवसर पर सेवा और साधना के गौरवशाली योगमय एवं आध्यात्मिक भारत बनाने का संकल्प को पूरा करने के लिए हर घर योगमय व हर दिन योगमय के चिराग को जलाये रखने के लिए कुवर सिंह उद्यान मे चल रहे अनवरत योग कक्षा के उपरान्त सभी लोंगों ने योग जागरण यात्रा निकाली। यह यात्रा कुवर सिंह उद्यान से कलेक्ट्री चौराहा होते हुए अग्रसेन चौक होते हुए बड़ादेव स्थान, रैदोपुर, डीएवी कॉलेज पर सम्पन्न हुई। आदर्श योग शिक्षक देवविजय ने बताया कि आज के दिन संस्था का स्थापना दिवस मनाया जाता है। यह संगठन पूरे देश मे ही नहीं पूरे विश्व को स्वस्थ एवम समृद्ध बनाने मे तथा देश सेवा के लिए युवाओं मे सेवा, संघर्ष, व्यक्तित्व निर्माण, तथा संयम के लिए हर दिन प्रेरित करता रहता है। हमारी संस्कृति को परम्परागत ढंग से जीवन पर्यन्त अपनायें रखने के लिए संकल्प दिलाती रहती है। हमारे देश की संस्कृति तथा योग आयुर्वेद से पूरी दुनियां मे परिवर्तन हो रहा है। हमारे देश मे कुछ ही लोग हैं जो अपने इतिहास को भुले हुए हैं। हमे अपनी संस्कृति, योग-आयुर्वेद को अपनाना होगा तथा देशप्रेम के लिए स्वदेशी वस्तुओ का उपयोग करना होगा। स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने बहुत संघर्ष करके अपने भारत की संस्कृति और योग , आयुर्वेद को पतंजलि के माध्यम से पूरे विश्व मे जन-जन तक पंहुचाया। जो पूरी दुनियां मे मिशाल है। आज इस अवसर पर सभी योग साधक साधिकायें यह संकल्प लें कि स्वस्थ एवं समृद्ध भारत के निर्माण मे गांव-गांव, गली-गली, प्रदेश और देश मे जन-जन को योग सिखायें । जिससे हमारा देश पूरी दुनियां मे विश्व योग गुरू के रूप मे कायम रहे। इस अवसर पर युवा भारत के जयश्री, श्रीकेश, राजबहादुर, प्रहलाद, दीपक, रमाकान्त, आदि लोगों ने सभी साधक साधिकाओं को जातिवाद तथा ढोंग को समाप्त करने के लिए संकल्पित किया। कार्यक्रम का समापन डा. वीके अग्रवाल( पूर्व सी.एम.ओ.) ने किया।
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