देर शाम को तक घर पर जुटे थे सैकड़ो लोग, करते रहे शव का इंतज़ार रानी की सराय/आजमगढ़। मुम्बई के डाकयार्ड पर भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस बेतवा के पलटने के हादसे में मृतक दो नौसेना कर्मचारियों में आजमगढ़ जनपद के रानी की सराय थाना क्षेत्र के सेठवल खलीलाबाद मुहल्ला निवासी नौ सेना के मैकेनिक इंजीनियर की मौत की खबर के बाद बुधवार को जहां परिजनो में कोहराम मचा रहा वही भारी संख्या में लोग शव के आने का इंतजार कर रहे थे । स्थानीय लोगो के अनुसार शव गुरूवार को आने की सम्भावना है। जानकारी के अनुसार सेठवल गांव निवासी हंसराज राय के तीन पुत्रों में नीरज राय 35 सबसें बडा था। होनहार नीरज वर्ष 2002 में भारतीय नौ सेना में मैकेनिक इंजीनियर के पद पर तैनात हुआ था। छोटा भाई धीरज जो भी सेना में तैनात है तथा सबसे छोटा चंद्रप्रकाश प्राइवेट नौकरी लखनऊ में करता है। नीरज काफी समय से पत्नी और बच्चे के साथ मुम्बई के गोदी में ही रहता था। 5 नवम्बर को मरम्मत के लिए लाये गए युद्धपोत को पानी में दुबारा उतारते समय पलट जाने से हुए हादसे में हादसे में दो की मौत हो गयी जिसमें दुर्भाग्यवश नीरज भी था। हादसे के दौरान उसकी पत्नी भी बच्चो के साथ मुम्बई में ही थी। हादसे के खबर सुन मझलें पुत्र के दिल्ली स्थित आवास पर रह रहे पिता और भाई धीरज दोनो लोग मुम्बई रवाना हो गये। पिता हंसराज , बहू और बच्चो को लेकर घर खलीलाबाद में मंगलवार को देर शाम आ गये जबकि भाई धीरज शव के साथ सेना के विमान से आ रहा है। इन्तेजार के दौरान पता लगा की शव बुद्धवार को दोपहर बाद तक बाबतपुर नही पहुंचा था। आठ अब गुरूवार को आने की ज्यादा संभावना है। घटना की खबर सुन सारे क्षेत्र में कोहराम मचा रहा। परिजनों को संत्तवना देने वालो का क्रम लगातार लगा रहा। वहीँ परिजनो को रो रो कर बुरा हाल रहा। हादसे के दौरान नीरज की पत्नी पिंकी भी मुम्बई स्थित गोदी आवास पर थी। ज्यो ही खबर मिली सूचना पाकर पत्नी भी वहां पहुंची। अब जब भी कोई घटना के बारे में बात कर रहा था तो पत्नी बदहवास हो कह उठ रही थी कि मैने उन्हे हिलाया तो बोल ही नही रहे थे। उन्हे क्या हुआ है, फिर रोने लग जा रही थी। यह क्रम देख हर कोई रोने लगता था। पास ही में नीरज का पुत्र श्रेयस(7 वर्ष),पुत्री सिद्धधी (5माह)थी। पिंकी के पिता भी सेना में ही तैनात है। लोगो ने बताया की नौ सेना में तैनात नीरज शुरू से ही काफी कुसाग्र बुद्धि का था। बचपन के साथियो की माने तो पढाई के बाद ज्यो ही नौकरी में शामिल हुआ घर आने पर साथियो से मिलते ही उन्हे लगन से काम करने को कहता थां। यही कारण रहा कि सभी इन दिनो नौकरी में लगे थे। छोटा भाई धीरज राय(32वर्ष) सेना में ही तैनात है तथा सबसे छोटा चंद्रप्रकाश लखनऊ में प्राइवेट नौकरी कर रहा है। वहीँ मां प्रेमबाला राय पुत्र के गम में बदहवास रही। हर आने वाला व्यक्ति उन्हें ढांढस बंधा रहा है । नीरज का विवाह 2002 में जनपद के रौनापार थाना के रामगढ़ हरैया में हुआ था। विवाह के कुछ माह तक पत्नी पिंकी के ग्राम खलीलाबाद में रहने के बाद मुम्बई में ही गोदी में स्थित आवास में साथ में रहता था। यही पर उनकी दोनो संतान पैदा हुए। इधर कई दिन से नीरज के पिता छोटे पुत्र धीरज के दिल्ली स्थित आवास पर गये थे। सोमवार को जब घटना की जानकारी हुई तो सीधे पुत्र धीरज के साथ मुम्बई निकल लिये और पत्नी को घर भेज दिया। मुम्बई से हंसराज बहू पिंकी के साथ चल दिये और मंगलवार को देर शाम घर पहुच गये जबकि पुत्र धीरज भाई के शव के साथ सेना के वाहन से आ रहा है। बुधवार को जब परिजन घर पहुचे तो लोगो को जानकारी हो पाई। बताया जाता है कि तीन सप्ताह पूर्व ही नीरज घर से मुम्बई डयूटी पर गया था। छुटटी पर पत्नी और बच्चो को साथ लेकर घर आया था। कई दिन रहने के बाद फिर छुटटी पर आने का वादा किया था। उक्त बाते याद कर मां प्रेमबाला रोये जा रही थी। चार माह पूर्व ही मुम्बई में पूरा परिवार इकटठ हुआ था, नीरज के पुत्री शिद्वी के बाल मुण्डन संस्कार में शामिल होने के लिए खलीलाबाद घर से जहा परिजन गये थे वही सभी भाई पहुचे थे। पिता हंसराज उक्त बाते याद कर रोये जा रहे थे।
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