लालगंज/आजमगढ़। 8 नवम्बर से नोटबंदी के पश्चात नकदी की समस्या से जूझ रहे लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बैंकों के समक्ष नकदी की आस लगाये लोगों को अब तीन दिन बैंक बंद रहने के समाचार ने और विचलित कर दिया है। कैसे चलेगी जीवन की नाव सोचकर लोग पूरी तरह परेशान हैं। उल्लेखनीय हैकि क्षेत्रीय लोगों को नोटबंदी के बाद से बैंकों द्वारा हजार पांच सौ देकर ही टरकाया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर इलेक्टानिक माध्यमों तथा सोशल मीडिया से करोड़ों रुपये मिलने के समाचार ने सभी को सोचने पर विवश कर रखा है कि यह नोट कहां से इन्हें मिल जा रहे हैं जबकि आम जनता पैसे पैसे के लिये संघर्षरत है। आईटी विभाग की छापेमारी मे मिल रहे इन नोटों के बारे में सोचकर सभी हैरान हैं। शाहगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार: मुबारकपुर-शाहगढ़ मुख्य मार्ग पर आबाद बम्हौर की यूबीआई शाखा पर सप्ताह भर से बैंक ग्राहकों को कैश उपलब्ध न कराये जाने से नाराज उपभोगताओं के सब्र का बांध शुक्रवार को टूट गया और ग्रामीणों ने मुबारकपुर-शाहगढ़ मुख्य मार्ग की रफतार बम्हौर गांव (मोलना) के पास 1.5 घण्टे तक रोक दी। जाम की सूचना पर थानाध्यक्ष मुबारकपुर संतलाल यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा कर जाम समाप्त कराया। वही तीन दिन बैंक बंद होंने की सूचना पर ग्राहको ने शुक्रवार को पैसा लेने के लिए सुबह से लेकर देर शाम को एटीएम व बैंको पर जमे रहे। शहर कोतवाल शिशिर त्रिवेदी क्षेत्र के विभिन्न बैंको व एटीएम पर निरीक्षण करते रहे।
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