आजमगढ़। ठण्ड से पूरा जनपद काँप उठा है। घने कोहरे के साथ तीखी पछुआँ हवा तथा पहाड़ियों मे हो रही बर्फबारी का असर पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपदों पर पड़ने लगा है। तापमान में अचानक आयी गिरावट से क्या गाँव क्या शहर सभी जगह हाड़ कँपाने वाली शीत लहर चल रही हैं। कुहरे एवं ठण्ड का हाल शुक्रवार को ऐसा रहा कि दिन में करीब तीन बजे तक सूरज के दर्शन नहीं हुए थे । सार्वाजनिक स्थलों पर जगह जगह लोग कूड़ा , कागज एवं टायर जलाकर ठण्ड से बचने का उपाय करते देखे गये। शहर में आने वाले यात्रियों, रिक्शा चलाने वाले तथा रात्रिसेवा करने वाले कर्मचारी तथा पुलिस कर्मियों और होमगार्ड्स को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रशासन एवं नगर पालिका परिषद द्वारा नगर में सार्वजनिक स्थलों पर अलाव आदि के इन्तजाम कहीं नहीं दिख रहे है साथ ही रैन बसेरा भी नहीं कार्य कर रहे हैं। नगर पालिका परिषद को रैनब सेरा चालू कराने के लिए 15 दिसम्बर का इंतजार है। ठण्ड से बचने के लिए जनपद के बाजारों कस्बों नगरों व ग्रामीण अंचलों के लोग गर्म कपड़ों रजाईयों, गरीब ग्रामीण अपनी टाटियों में पुआल से बने बिस्तरों में दुबक जाते हैं। परिणामत: चोरों के पौ बारह हो गये हैं। एक-एक रात में जनपद के दर्जनों दुकानों के शटर, दरवाजे तोड चोर पूँजी पर हाथ साफ करने में कामयाब हो रहे है और पुलिस पानी पर लाठी पीटती रह जाती है। खेतों में रबी की बुआई व सिंचाई का काम चल रहा है। कड़ाके की पड़ रही शीत लहर ने किसानों की दुश्वारी बढ़ा दी है। लोग घरों से निकलते वक्त ठण्ड से बचने के पुख्ता इंतजाम कर लेते है। शाल, चादर, कम्बल, ओढे, सड़कों पर चलते लोग देखे जा सकते हैं। जिला प्रशासन नगर पालिकाओं नगर पंचायतों को ठण्ड से बचाव के उपायों के लिए तारीखों का इंतजार की जगह वर्तमान शीतलहर में तत्काल सार्वजनिक अलाव, जलवाने रैन बसेरों को तुरन्त संचालित कराने का पुण्य कार्य शुरू करना चाहिए।
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