आजमगढ़। भारत सरकार द्वारा संचालित कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) के जन सेवा संचालकों की एक कार्यशाला मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। जिसकी अध्यक्षता एनआईसी के डीआईओ रजनीश चंद्र श्रीवास्तव ने किया। जिसमें मौजूद सभी वीएलई (सीएससी संचालक) को कैशलेस इंडिया-कैशलेस आजमगढ़ के मुहिम को तेज करने के लिए कैशलेस के लाभ के बारे में विस्तार से बताया गया। एनआईसी प्रभारी रजनीश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य वीएलई के माध्यम से ग्रामीण अंचलों के लोगों को कैशलेस के लाभ और उसके बाद मोबाइल के जरिये व्यापार एवं लेन-देन के विषय में प्रशिक्षित किया गया। सभी वीएलई को जिम्मेदारी दी गयी कि अपने ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों के मोबाईलों में वैलेट बनवाकर सभी जरूरी कार्यो को पहले की भांति उन्हें करने की सीख दें ताकि लोग जागरूक हो और भारत सरकार के कैशलेस की सोच को आयाम मिले। कार्यशाला में आये एसबीआई के डिप्टी मैनेजर आर0ए0 राय ने एसबीआई के बड्डी एप्प के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि जब सभी के मोबाइलों में बड़ी ऐप होगा तो हम छोटे से छोटे रोजमर्रा के सामानों की खरीद बिना कैश के ही कर सकते है। जिससे हमारे कैश के लिए रूके कार्यो को गति मिलेगी और हम कैशलेस समाज की तरफ अग्रसरित होंगे। कार्यशाला में लखनऊ से आये सीएससी-एसपीवी के अधिकारी नीरज सिंह ने सभी को सीएससी से जुड़े मुख्य तथ्यों को बताया और सभी बैंकंग सेंक्टरों के आन लाइन बैंकिंग के बारे में जानकारी दिया। श्री सिंह ने इस दौरान क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, रूपये कार्ड, यूपीआई ऐप, मेरा मोबाईल-मेरा बटुआ आदि योजनाओं के बारे में बताया गया। अंत में सीएससी के आजमगढ़ के एरिया मैनेजर सत्येंद्र पासवान ने सभी को सीएससी में संचालित योजनाओं की महत्वपूर्ण जानकारी दिया और कार्यशाला के लिए आभार जताया। कार्यशाला में प्रशिक्षण एनआईसी रजनीश चंद्र श्रीवास्तव, एसबीआई के आरए राय, ईडीएम शरद यादव, सीएससी एसपीवी नीरज सिंह, एरिया मैनेजर सत्येंद्र पासवान, मनोज कुमार यादव समेत सैकड़ों वीएलई मौजूद रहे।
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