आजमग़ढ़। भारत को विश्व गुरु बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जनपद के आदर्श योग शिक्षक देव विजय यादव द्वारा कुंवर सिंह उद्यान में प्रतिदिन सुबह 5.30 से 7 बजे तक योगाभ्यास कराया जाता है। उन्होंने बताया कि योग साधना से वातावरण बदले या न बदले पर जीवन की घटनाओं के प्रति दृष्टिकोण और वातावरण का अनुभव करने की भावना में परिवर्तन अवश्य आ जाता है , जो हमारे तनाव को दूर करने में सबसे बड़ा सहायक होता है। इससे शरीर के समस्त अंगों में स्फूर्ति बनी रहती है। योग के जरिए न सिर्फ बीमारियों को निदान किया जाता है बल्कि इसे अपना कर कई शारीरिक मानसिक तकलीफों को भी दूर किया जाता है। योग प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बना कर जीवन में नई ऊर्जा का संचार करता है। योग व प्राणायाम से दिमाग तेज होता है। योग से मुक्ति की राह खुल जाती है और युग से स्वस्थ मस्तिष्क में स्वस्थ विचार आते हैं। योगी होना हमारे पूर्वजों ने जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि माना है जो योग को केंद्र में रखकर कार्य करता है। जय श्री यादव ने योगाभ्यास के दौरान सूर्यनमस्कार , सुज व्यायाम बताकर लोगों को दिनचर्या पर प्रकाश डाला। बताया गया की योग शिविर में बहुत भाई , बहनों ने अपने बीमारियों से लाभ पाए थे। उन्होंने योग के माध्यम से रोग को मिटाने के लिए सबको प्रेरित किया।
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