आजमगढ़। राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित नई दिल्ली के निर्देशन में आचार्य केशव चन्द्र मिश्र विचार मंच द्वारा चार दिवसीय विज्ञान लेखन कार्यशाला के तृतीय दिवस प्रतिभागियों के समूहों में विभक्त कर विज्ञान कथाओं पर विचार मंथन प्रारम्भ किया गया। जिसमें डा. सीएम नौटियाल, श्री चन्द्रप्रकाश पटसारिया, रामदत्त तिवारी ,अजेय व डा. मिर्जा जीशा़न बेग ने समूहों में बैठे प्रतिभागियों से संवाद स्थापित कर उन्हें विज्ञान कहानी के रचनाधर्मिता तथा उससे जुड़े आवश्यक तत्वों को गहन गम्भीरता से समझाया गया। इस अवसर पर समूहों में प्रतिभागियों ने विषय विशेषज्ञों से अपनी शंकायें भी रखी, जिनका समाधान विषय विशेषज्ञों ने किया। तीसरें दिन दूसरे तकनीकी सत्र में रामन, मेघनाद साहा, एसएन बोस, बीरबल साहनी, जेसी बोस, मेनन, आइंस्टीन एवं कार्ल सागान आदि जैसे वैज्ञानिकों के नाम पर समूह बनायें गये तथा समूहों में विभाजित प्रशिक्षुओं के साथ उपस्थित विशेषज्ञों ने संवाद करके पाण्डूलिपियों को सुधारा एवं सुझाव दियें। जिससे कथा में विज्ञान का भी समावेश हो। यही क्रम दूसरे सत्र में चलता रहा। अंतरिक्ष यात्रा, पर्यायवरण संरक्षण से लेकर पशुजगत एवं वैज्ञानिक के अपहरण जैसी कल्पना शील बातों पर आधारित इन विज्ञान कथाओं को परिस्कृत, परिमार्पित करकें विद्यालयों की तथा अन्य पत्रिकाओं के भी प्रकाशन की योजना है। कार्यशाला के समन्वयक अनिल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कार्यशाला चौथे दिन शुक्रवार को समाप्त होगी। आईटी विशेषज्ञ ई. सौरभ ने भी प्रतिभागियों को विज्ञान कथा में साइबर संबंध की जानकारी दी। कार्यशाला में शिब्ली कालेज के डा. बाबर अशफाक खॉ ,मिर्जा जाहिद बेग तथा डा. आमिर जमाल ने भी प्रतिभागियों को उपयोगी सलाह दी। कार्यक्रम में सचिन कुमार श्रीवास्तव, संदीप कुमार, मो0 साजिद खॉ, विकास वर्मा, जेबा मरियम, शुभ्रा त्रिपाठी, कुलसुम हाफिज, उज्मा शाहीन आदि ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुती की।
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