आजमगढ़। निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादापुर के बाजार मे उपस्थित न बैंक आफ इण्डिया शाखा के सामने 500 व 1000 रूपये की पुरानी करेंसी को बदलकर नई करेंसी को लेने के लिए सुबह पांच बजे से ही लाइन में लोगों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब करीब 12 बजे एक बैंक के कर्मचारी के द्वारा पैसा उपलब्ध नहीं होने एवं पैसा आ जाने पर दिये जाने की बात कही गयी। इससे आक्रोशित हुये लोग बैंक के सामने ही आजमगढ़-लखनऊ मुख्य मार्ग को जाम कर दिये। रोड जाम करने की सूचना शाखा प्रबन्धक ने तत्काल पुलिस को दी। सूचना मिलते ही निजामाबाद थानाध्यक्ष खुदादापुर पहुंचे गये। इसी बीच सरायमीर के थानाध्यक्ष भी दलबल के साथ मौके पर पंहुचे । पुलिस अधिकारियों ने जाम कर रहे लोगों को समझाबुझा कर किसी तरह से जाम समाप्त कराया। फूलपुर प्रतिनिधि के अनुसार बड़े नोट बंदी से जहां आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वही कुछ ग्रामीण क्षेत्र के बैंकों द्वारा विशेष लोगों को लाभ पहुंचाने का मामला भी संज्ञान में आया है। जाने वाली बहस से भी इस तरह के आरोपों को बल मिल रहा है। इसी बीच पता चला है की बैंको में बटने वाले टोकन में भी भारी घपलेबाजी हो रही है कुछ लोग लाइन में लग कर एक जमा व निकासी पर्ची दो सौ से तीन सौ रूपये लेकर बेंच रहे है। पिछले एक हफ्ते से ज्यादा हो गए नोट के लिए मचे हहाकार से जन जीवन सहित बाजारों पर बुरा प्रभाव पड़ा है। कई स्वर्णाभूषण, कपड़े, फल व सब्जी तक के दुकानों पर ताले लटक गये हैं। बैंकों से 1000 व 500 के बदले में मिलनेवाले दो हजार के नोट से भी लोगों की दिक्कतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। फुटकर मार्केट में दो हजार का फुटकर मिलने से रहा तो पांच सौ के नये नोटों का दर्शन भी अभी तक बहुत से लोगों को नही हुआ है। इसी बीच चलन से बाहर हो रहे दस के सिक्के ने फिर यूटर्न ले लिया है। मजबूरी में ही सही लोग दस के सिक्कों का लेन देन कर रहे हैं। इस सभी आव्यवस्था के बीच बहुत से लोगों ने मोदी के इस कार्य का समर्थन किया है।
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