आजमगढ़। भारत रक्षा दल के तत्वावधान में नगर के कुंवर सिंह उद्यान में सन 1857 के प्रथम भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम की वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई एवं देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री स्व0 इंदिरा गांधी की जयंती शनिवार को श्रद्धापूर्वक मनायी गयी। कार्यक्रम की अध्यक्षता दल के जिलाध्यक्ष उमेश सिंह गुड्डू ने किया। जयंती समारोह में प्रदेश उपाध्यक्ष हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव ने रानी लक्ष्मी बाई के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा करते हुये बताया कि मात्र 23 वर्ष की आयु में रानी लक्ष्मी बाई ने ब्रिटिश साम्राज्य की सेना से संग्राम किया और रणक्षेत्र में वीरगति को प्राप्त हुई। किन्तु जीते जी अंग्रेजों को अपनी झांसी पर कब्जा नहीं करने दिया। रानी लक्ष्मी बाई का जन्म वाराणसी जिले के भदैनी नामक क्षेत्र में 19 नवम्बर 1835 को हुआ था। 1857 के प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम में रानी लक्ष्मी बाई और तात्या टोपे ने संयुक्त रूप से अंग्रेजों से डटकर मुकाबला किया और उन्हें मुंह की खाने को मजबूर कर दिया। 18 जून 1858 को ग्वालियर के पास कोटा की सराय में ब्रिटिश सेना से लड़ते-लड़ते रानी लक्ष्मी बाई ने वीरगति प्राप्त कीं। इसी क्रम में संगठन द्वारा देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी को उनके जन्मदिवस पर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। इस अवसर पर भारद के मंडल अध्यक्ष मो अफजल, मनीष कृष्ण साहिल, प्रवीण कुमार गौंड, निशीथ रंजन तिवारी, आशीष मिश्रा, सौरभ यादव, रवि प्रकाश अमित, गुप्ता, दुर्गेश श्रीवास्तव, राजन अस्थाना, राजेश अस्थाना, रणजीत सिंह , गणेश सोनकर, डा. राजीव पांडेय, रामजनम निषाद, अनुराग मौर्य, सितारे हिन्द, बलवंत कुमार, ज्ञैनेंद्र चौहान, नन्हें यादव, आलोक शर्मा आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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