मुबारकपुर/आजमगढ़ (जावेद हसन अंसारी ): माहे मोहर्रम का चाँद देखा गया पहला मोहर्रम सोमवार से आगाज हुआ। मोहर्रम शुरू होते ही रेशम नगरी मुबारकपुर आसपास क्षेत्रों में या हुसैन की सदा फिजाओं में गूंजने लगी चारों ओर से नोंहा ख्वानी मातम होने लगा । लोगों ने इमामबाडे पहले ही सजा लिए थे । शिया बाहुल्य क्षेत्र मोहल्ला शाहमोहम्मदपुर, पूरा बाग, पूरा सोफी, हुसैनी बाग, पुरानी बस्ती बखरी, पूरा खिजिर, अमिलों आदि क्षेत्रों में इमामबाड़ों में अलम सजाया गया है कुछ स्थानों पर ताजिया भी रखे गए हैं। मोहर्रम की तैयारी के लिए लोग हफ्तों से जुटे थे । घरों और इमामबाड़ों की साफ सफाई पहले ही की जा चुकी है रविवार की शाम होते ही नोहा ख्वानी और सीनाजनी शुरू हो गयी महिलाओं ने अपनी अपनी चुडिया तोड़ी इसके साथ ही सुहागिन महिलाएं सवा दो महीने साज सज्जा नहीं करेंगी सभी पूरी तरह से हजरत इमाम हुसैन के गम में शरीक होंगे । सोमवार को पहला पहली मोहर्रम घरों व इमामबाड़ों में मजलिसों का दौर शुरू हुआ जो देर रात तक चलती रही ।
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