आजमगढ़ । 11 सूत्रीय मांगों को लेकर फार्मासिस्ट विगत नौ सितम्बर से हड़ताल पर हैं। नौ को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पर धरना एवं ज्ञापन दिया था। 10 से 15 दिन तक काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन किये। 16 से 19 तक दो घंटे कार्य बहिष्कार किये तथा मंगलवार को अनिश्चित कालीन हड़ताल पर बैठ गये। इस दौरान जिला अस्पताल में मरीज दर दर भटक रहे थे। हड़ताल से पूरा जिला अस्पताल में अफरा तफरी मची रही। हड़ताल पर बैठे डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने कहा कि समस्त राजकीय विभाग के फार्मासिस्टों को सातवें वेतन आयोग का लाभ दिया जाय। पदो ंके सृजन का मानक निर्धारित कर संवर्ग का पुनर्गठन किया जाय एवं निर्णयों के अनुसार उच्च पदों का सृजन किया जाय। उन्होंने कहा कि डिप्लोमा इंजीनियर की भांति डिप्लोमा फार्मासिस्ट के वेतन क्रम में एसीपी का निर्धारण करते समय 46 सौ पे ग्रेड को इग्नोर किया जाय। स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर फार्मासिस्ट के पद का सृजन किया जाय। ब्लड बैंक एवं पोस्टमार्टम में कार्यरत फार्मासिस्ट से फार्मेसी एक्ट 1948 एवं ड्रग कास्मेटिक एक्ट 1914 तथा शासन द्वारा अनुमोदित ड्यूटी लिस्ट के अनुसार कार्य सम्पादित कराया जाय। इंडोर फार्मेसी की व्यवस्था की जाय तथा उसमें फार्मासिस्ट के पद सृजित किये जायं। 2005 के उपरांत सेवा ग्रहण किये फार्मासिस्टों हेतु पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाय। उन्होंने कहा कि पदोन्नति के रिक्त पदों पर तत्काल पदोन्नति की जाय। ट्रामा सेंटरों में फार्मासिस्ट के पद सृजित किया जाय। दस वर्ष की सेवा पर राजपत्रित घोषित किया जाय। वरिष्ठता सूची में नवनियुक्त फार्मासिस्टों के नाम जोड़कर उसे अधुनान्त किया जाय। इस दौरान आर. पी. यादव, सुनील दूबे, अरविन्द कुमार प्रमिला, चन्दू मती, मंशा सिंह बिन्दू उपाध्याय , प्रतिभा राय, आर्यलता, ज्ञानवती सहित अनेक पदाधिकारी एवं नर्सें उपस्थित रही।
Blogger Comment
Facebook Comment